राजनांदगांव। पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) अजय यादव (भा.पु.से.) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में जिले के पुलिस अधिकारियों और थाना/चौकी प्रभारियों की उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारी मौजूद रहे। आईजी अजय यादव ने जिले के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए उनके त्वरित और विधिसम्मत निराकरण के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मई माह से पूर्व के सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित आपराधिक प्रकरणों, चालान, खात्मा मामलों तथा ब्लाइंड मर्डर जैसे गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में NDPS एक्ट के तहत प्रभावी विवेचना करने और SAFEMA के अंतर्गत नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज करने व जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, नए आपराधिक कानूनों और संगठित अपराध से जुड़े प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया।
एसपी अंकिता शर्मा ने भी ली थाना प्रभारियों की अलग बैठक
आईजी की बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सभी थाना प्रभारियों की पृथक बैठक ली। एसपी ने विवेचना के स्तर में सुधार लाने, गंभीर और संवेदनशील मामलों में व्यक्तिगत रूप से निगरानी रखने तथा अवैध प्रवासियों व संदिग्ध व्यक्तियों का नियमित सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने, विभागीय जांचों का समय पर निराकरण करने और महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। आईजी यादव ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और प्रार्थियों के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत शालीन, संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। साथ ही, आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और पूर्व पुलिस तैयारियां दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई।



