0 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) राजनांदगांव ने सुनाया फैसला
0 तुमड़ीबोड़ चौकी व लालबाग थाना क्षेत्र का मामला, कोर्ट ने लगाया अर्थदंड
राजनांदगांव । नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने और उसे गर्भवती करने के गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) राजनांदगांव के माननीय न्यायाधीश अनिल कुमार बारा ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से पैरवी करने वाली विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) सुश्री प्रिया कांकरिया ने बताया कि अभियुक्त विक्की राजपूत और अनुसूचित जाति वर्ग की पीड़ीता एक ही गांव के निवासी हैं। अभियुक्त विक्की राजपूत ने नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर अगस्त 2021 से लगातार एक वर्ष तक उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ीता गर्भवती हो गई।
पीड़ीता के शरीर में परिवर्तन देखने पर जब उसकी माता ने पूछताछ की, तब घटना का खुलासा हुआ। पीड़ीता ने बताया कि अभियुक्त उसे शादी का झांसा देकर अपने या पड़ोसी के घर बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाता था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। मामले में पीड़ीता की माता की रिपोर्ट पर पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग द्वारा अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड विधान, पॉक्सो एक्ट एवं एट्रोसिटी एक्ट के तहत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। प्रकरण के संपूर्ण विचारण उपरांत 10 अगस्त 2026 को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त विक्की राजपूत को धारा 376(3) भादवि के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये का अर्थदंड (अदा न करने पर 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड (अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास) की सजा से दंडित किया है।

