बिजली कंपनी ने शुरू किया सघन मेंटेनेंस, बदले जा रहे पुराने खंभे व 50 जर्जर ट्रांसफार्मर
राजनांदगांव (दावा)। ऐतिहासिक एवं गौरवशाली गणेशोत्सव पर्व के मद्देनजर शहर को बिजली तारों के खतरनाक मकडज़ाल से मुक्त कराने के लिए विद्युत वितरण कंपनी ने युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को बिजली विभाग के तकनीकी अमले ने शहर के हृदय स्थल सिनेमा लाइन और आसपास के बाजारों में पुराने तारों को हटाने तथा नए खंभे लगाने का कार्य तेजी से किया। कार्य के दौरान सुरक्षा कारणों से मानव मंदिर चौक के पास बैरिकेड्स लगाकर सिनेमा लाइन मार्ग पर घंटों आवाजाही पूरी तरह बंद रखी गई।
वैकल्पिक मार्गों से भटके राहगीर, पर सुधार कार्य को सराहा
सिनेमा लाइन का मुख्य रास्ता बंद होने से राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए संकरी गलियों और घुमावदार रास्तों से होकर गुजरना पड़ा। आजाद चौक स्थित ट्रांसफार्मर के पास खंभों से सिनेमा लाइन, गुड़ाखू लाइन और हलवाई लाइन की ओर फैले तारों के जटिल जाल को दुरुस्त करने में कर्मचारी दिनभर पसीना बहाते रहे। हालांकि आवागमन बाधित होने से लोगों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा, किंतु त्योहार से पहले व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद में नागरिकों ने इसे सकारात्मक रूप से लिया।
ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग से मिलेगी मुक्ति
त्योहारों और आगामी गर्मी के मौसम में अचानक लोड बढऩे से ट्रांसफार्मर जलने तथा खंभों में शॉर्ट सर्किट व आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं। बीते दिनों भारत माता चौक, कामठी लाइन, गंज लाइन और सदर लाइन में कई बार तारों में आग भडक़ने और विस्फोट की घटनाएं सामने आई थीं। इसे देखते हुए कंपनी द्वारा पुराने, जर्जर तारों को हटाकर उच्च क्षमता वाले नए सुरक्षित केबल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही शहर भर में करीब 50 पुराने व कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को बदलकर नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं।
सडक़ से सटकर गड़े खंभे बने नई मुसीबत
सुधार कार्य की सराहना के बीच खंभों की पदस्थापना को लेकर स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों ने गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि नए विद्युत पोल लगाते समय सडक़ की चौड़ाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पुराने खंभों को पीछे हटाने के बजाय मुख्य सडक़ से सटकर नए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। जिससे पहले से संकरे बाजार की सडक़ें और अधिक संकुचित हो रही हैं। नागरिकों का कहना है कि विद्युत कंपनी को कार्य शुरू करने से पूर्व नगर निगम एवं यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित करना चाहिए था। यदि खंभों को सडक़ से पीछे नहीं किया गया, तो गणेशोत्सव के दौरान और आने वाले दिनों में इन व्यस्त मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहेगी।



