
गंडई-पंडरिया: नगर में शनिवार 12 सितंबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा की भव्य स्थापना की गई। इस गरिमामय आयोजन में क्रांति सेना के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनका स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत टिकरी पारा स्थित देउर (शिव मंदिर) में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में युवतियां छत्तीसगढ़ महतारी की वेशभूषा में रथ पर विराजमान थीं। शोभायात्रा में सुआ, कर्मा, पंथी और राउत नाचा की दलों के साथ गड़वा बाजा, मांदर और डीजे की धुन पर युवा व महिलाएं जमकर थिरके। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे रूट पर पुलिस बल तैनात रहा।
मूर्ति स्थापना के बाद रात्रि में पंडरिया के खुसरो मैदान में ‘दाई के दुलरवा’ जस झांकी (डोंगरगढ़) का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोक कला और माटी की संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति देखने को मिली।
क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और अस्मिता के प्रतीक ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ के गौरव को जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान सर्व समाज के लोग, स्थानीय नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



