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क्‍या आपका LPG सिलेंडर भी जल्दी हो जा रहा खत्म? रसोई गैस का खेल जान भन्ना जाएगा माथा, 9 लोग अरेस्‍ट

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यदि आपके घर का एलपीजी सिलेंडर जल्‍दी खत्‍म हो रहा है, तो इसकी वजह सिर्फ उसका ज्‍यादा उपयोग नहीं हो सकता है. कहीं ऐसा ना हो कि आपकी पीठ पीछे कोई खेल चल रहा हो, जिसकी वजह आपको आपकी जेब को चपत लग रही हो. जी हां, एक ऐसा ही खेल गुजरात के सूरत से सामने आया है. सूरत पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को अरेस्‍ट भी दिया है. दरअसल, सूरत पुलिस ने एलपीजी गैस की अवैध रिफिलिंग से जुड़े एक मामले का खुलासा किया है.
भेसान-हजीरा रोड पर एक पार्किंग परिसर में एलपीजी टैंकर से सीधे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी. अचानक मौके पर पुलिस पहुंच गई और नौ लोगों को रंगे हाथों अरेस्‍ट कर लिया गया. डीसीपी शैफाली बरवाल के अनुसार, पुलिस को इंटेल मिला था कि भेसान-हजीरा रोड स्थिति एक पार्किंग में गैरकानूनी तरीके से एलपीजी गैस भरी जा रही है. इसी इंटेल के दौरान, पुलिस ने मौके पर छापेमारी की. चेकिंग के दौरान पुलिस को वहां एक एलपीजी टैंकर खड़ा मिला.
टैंकर से पाइप के जरिए एलपीजी गैस सिलेंडरों में भरी जा रही थी. मौके से कुल 84 सिलेंडर बरामद किए गए हैं, जिनमें गैस भरी जा चुकी थी. इसके अलावा मौके से 4 खाली सिलेंडर और गैस भरने वाली 3 पाइप भी बरामद की जा रही हैं.
12 हजार रुपये महीने पर ली थी जगह
पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी पवन सिंह गुज्जर है. उसने महेश जांजवडिया से यह जगह 12 हजार रुपये महीने के किराये पर लिया था. महेश वहां सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था. आरोप है कि उसने परिसर के मालिक को जानकारी दिए बिना ही जगह पवन सिंह को किराये पर दे दी. इसके बाद पवन सिंह ने एलपीजी सिलेंडरों में गैस भरने के लिए दूसरे लोगों को काम पर रख लिया.
GAIL से लाया गया था एलपीजी का टैंकर
पुलिस के अनुसार, आरोपी लक्ष्मण सिंह रावत गेल कंपनी का एलपीजी गैस टैंकर लेकर परिसर में पहुंचा और उसे वहीं खड़ा कर दिया. इसके बाद पवन सिंह के साथ काम कर रहे दूसरे आरोपी टैंकर से एलपीजी गैस निकालकर सिलेंडरों में भरने लगे. पुलिस ने मौके से जिन नौ लोगों को अरेस्‍ट किया है, उनकी पहचान पवन सिंह गुज्जर (26), सुरेश बोरीवाला (35), महेश जांजवडिया (35), पंकज सिंह ठाकुर (26), देवा सिंह (28), सुभाष सिंह राजपूत (28), विशाल भाभोर (24), दीपक भाभोर (26) और लक्ष्मण सिंह रावत (53) के तौर पर हुई है.
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सिलेंडरों में गैस भरने के बाद इन्हें कहां भेजा जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.