महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस और ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। ओडिशा से गांजा लेकर मध्य प्रदेश जा रहे तस्करों ने पकड़े जाने के डर से और सबूत मिटाने की नीयत से कार में रखे गांजे की बोरियों में आग लगा दी। पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।
नाकेबंदी देख विपरित दिशा में भागने लगे तस्कर
मिली जानकारी के अनुसार, बसना पुलिस और ANTF की टीम को सूचना मिली थी कि काले रंग की वैगनआर कार में ओडिशा के बालांगीर से अवैध गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी की। इस दौरान संदिग्ध कार के चालक ने पुलिस को देखते ही वाहन को मोड़ लिया और विपरीत दिशा में तेजी से भागने लगा।
पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर मार्ग के पास आरोपियों ने गाड़ी रोक दी और गांजे से भरी बोरियों में आग लगाकर जंगल की तरफ भागने लगे।
ग्रामीणों की मदद से बुझाई आग, 28 किलो से अधिक गांजा बरामद
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से कार का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग पर काबू पाया। कार की डिक्की की तलाशी लेने पर तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां मिलीं, जिनमें से 28.465 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 14,23,250 रुपये बताई जा रही है।
सतना के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह गांजा ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से खरीदा था और इसे मध्य प्रदेश के शहडोल ले जा रहे थे। पुलिस ने मामले में सतना (म.प्र.) निवासी सुलभ सिंह परिहार (29 वर्ष) और सागर कुशवाहा (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक अन्य साथी शिवा सिंह (निवासी शहडोल) मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।



