0 शराब कोचियों के चंगुल, लूटपाट एवं अवैध उगाही से मिली मुक्ति का दावा
0 मदिरा प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह, छह घंटे में डेढ़ से दो लाख रुपये की शराब बिक्री का दावा
अंबागढ़ चौकी:-
नवीन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में अब शासकीय देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों की संख्या में वृद्धि हो गई है। नए जिले में शनिवार की रात बांधाबाजार में शासकीय देशी एवं अंग्रेजी मदिरा दुकान शुरू हो गई। शासकीय मदिरा दुकान खुलने से बांधाबाजार सहित इस क्षेत्र के लगभग 20 से 25 गांवों के मदिरा प्रेमियों में खुशी की लहर है। शासकीय मदिरा दुकान खुलने को लेकर ग्रामीणों में इतना उत्साह था कि उद्घाटन अवसर पर यहां बैंड-बाजा एवं धुमाल के साथ लोग नाचते-झूमते नजर आए। वहीं कुछ लोगों ने आतिशबाजी कर एवं एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
बांधाबाजार क्षेत्र के मदिरा प्रेमियों की वर्षों पुरानी मांग शनिवार की रात नौ बजे पूरी हुई। छत्तीसगढ़ शासन ने अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के ग्राम बांधाबाजार में शनिवार की रात शासकीय देशी एवं अंग्रेजी मदिरा दुकान शुरू की। उद्घाटन अवसर पर सहायक आबकारी उपनिरीक्षक एसआर भांडेकर, आबकारी उपनिरीक्षक शालिनी महतो, गीता साहू, गुलशन साहू के अलावा आबकारी आरक्षक रितेश पन्ना, देविका, कविता एवं महेंद्र कोमरे तथा आबकारी विभाग के सेल्समैन एवं प्रबंधक उपस्थित थे।
शासकीय मदिरा दुकान के शुभारंभ के मौके पर आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा ग्राम पंचायत के सरपंच युवराज नेताम, पंचायत पदाधिकारी, ग्राम के वरिष्ठ नागरिक एवं बड़ी संख्या में मदिरा प्रेमी उपस्थित थे।
0 80 रुपये का पौवा डेढ़ सौ रुपये में मिलता था
बांधाबाजार में शासकीय देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकान खुलने से मदिरा प्रेमियों में खुशी और उत्साह का कारण यह बताया जा रहा है कि लंबे समय से इस क्षेत्र के शराब प्रेमी कथित तौर पर कोचियों की लूटपाट एवं अवैध उगाही का सामना कर रहे थे। मदिरा प्रेमियों ने बताया कि यहां देशी शराब का पौवा 80 रुपये के स्थान पर 150 रुपये में अवैध रूप से बिकता था। उनका दावा है कि शराब का हर ब्रांड बांधाबाजार में कोचियों के पास लगभग दोगुनी कीमत पर उपलब्ध होता था। बांधाबाजार में शासकीय दुकान नहीं होने के कारण उन्हें करीब सात किलोमीटर दूर अंबागढ़ चौकी नगर आना-जाना पड़ता था। इससे कई तरह की परेशानियां सामने आती थीं। रास्ते में शराब लेकर आते समय पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। बस या बाइक से आने-जाने में भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। इसके अलावा कई अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए यहां वर्षों से शासकीय मदिरा दुकान खोलने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय दुकान खुलने से उन्हें कोचियों से छुटकारा मिलने के साथ दुर्घटना एवं पुलिस सहित अन्य तरह की परेशानियों से भी राहत मिलेगी। मदिरा दुकान खुलने पर ग्रामीणों ने शासन का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शासकीय दुकान नहीं होने से सरकार को राजस्व की क्षति होती थी, क्योंकि क्षेत्र के अधिकांश मदिरा प्रेमी महुआ शराब का सेवन करते थे।
0 बोहनी दस हजार, छह घंटे में डेढ़ लाख की शराब बिक्री का दावा
बांधाबाजार की नई शासकीय मदिरा दुकान जिले की चौथी शराब दुकान है। इससे पहले अंबागढ़ चौकी, मानपुर एवं खड़गांव में शासकीय शराब दुकानें संचालित हैं। वहीं चिल्हाटी एवं मोहला में प्रक्रियाओं में हो रही देरी के चलते दुकानें शुरू नहीं हो पाई हैं। बताया जाता है कि बांधाबाजार की शासकीय मदिरा दुकान शनिवार रात 9 बजे शुरू हुई। इसके बाद करीब आधे घंटे में दुकान में 10 हजार रुपये की शराब बिक्री हुई। बताया गया कि उस समय क्षेत्र के कई लोगों को दुकान शुरू होने की जानकारी नहीं थी। रविवार सुबह दुकान खुलते ही शराब खरीदने के लिए मदिरा प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुकान के सेल्समैन के अनुसार, करीब छह घंटे में यहां डेढ़ से दो लाख रुपये की शराब की बिक्री हुई।



