नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने किया पलटवार
राजनांदगांव। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा सांसद संतोष पांडे द्वारा हाल ही में दिए गए बयान पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने पलटवार किया है। उन्होंने सांसद के बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार मतदाता सूची की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाती रही है।
श्री पिल्ले ने कहा कि सांसद संतोष पांडे द्वारा यह कहना कि कांग्रेस और राहुल गांधी एसआईआर के नाम पर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन की प्रक्रिया सीधे तौर पर नागरिकों के मताधिकार से जुड़ी है। ऐसे में इस प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी संवैधानिक संस्था अथवा चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। श्री पिल्ले ने कहा कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जनता के मन में किसी प्रकार की शंका या सवाल है तो उसका समाधान स्पष्ट जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। श्री पिल्ले ने सांसद संतोष पांडे के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण होता है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को केवल राजनीतिक आरोप बताकर खारिज करने के बजाय संबंधित बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। श्री पिल्ले ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को किसी भी विषय पर सवाल पूछने और जानकारी मांगने का लोकतांत्रिक अधिकार है। श्री पिल्ले ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर किए जा रहे दावों का वास्तविक जवाब जनता ही देगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगी और राजनीतिक दलों के दावों तथा कार्यों का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में जनता अपने मत से जवाब देगी। श्री पिल्ले ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और किसी भी राजनीतिक दल को जनता के विवेक पर संदेह नहीं करना चाहिए। श्री पिल्ले ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सभी राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहना आवश्यक है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित होने की आशंका न रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत या आशंका को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखेगी। सांसद संतोष पांडे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय एसआईआर से जुड़े वास्तविक सवालों पर चर्चा होनी चाहिए।



