उनके खुद के गृह ग्राम में विद्युत आपूर्ति ठप्प
छुरिया (दावा)। बम्हनी चारभांठा सर्किल एवं जोब सर्किल के अंतर्गत आने वाले 30 गांवों में विद्युत आपूर्ति लो-वोल्टेज होने की वजह से ठप्प पड़ा हुआ है। यही वजह है कि किसानों द्वारा अपनी फसलों को बचाने के लिए विद्युत कार्यालय का घेराव किया गया, ताकि क्षेत्र में व्याप्त बिजली आपूर्ति की समस्या दूर हो सके।
इस समस्या का निदान करने के बजाय खुज्जी कांग्रेस विधायक अनर्गल बयानबाजी कर रही है। भाजपा मण्डल अध्यक्ष रविन्द्र वैष्णव ने उनके बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि सबसे पहले कांग्रेस विधायक अपने ही क्षेत्र के अंतर्गत 30 गांवों एवं अपने ही गृह ग्राम में लो-वोल्टेज की समस्या को दूर नहीं कर पा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खुज्जी विधानसभा में कांग्रेस सरकार के ढाई साल में केवल झूठी वाहवाही बटोर कर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है । हाल में ही पैरीटोला बम्हनी चारभांठा, नांदिया, आमगांव, बखरूटोला जोब, पंडरापानी, मोरकुटुम्ब, मरकाकसा सहित 30 गांवों में लो-वोल्टेज एवं विद्युत कटौती से रबी फसल गेहूं, सरसों, चना, साग-सब्जी, को नुकसान होने के साथ ही एवं क्षेत्र में आए दिन रात के समय विद्युत कटौती किए जाने से ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है ।
जब इस क्षेत्र के किसान लो-वोल्टेज एवं विद्युत कटौती से त्रस्त हो गए तब उन्होंने विद्युत कार्यालय छुरिया का घेराव किया तब जाकर कुंभकर्ण की नींद में सोयी खुज्जी कांग्रेस विधायक को इन किसानों की याद आई । यह बड़ा सोंचनीय विषय है कि अभी भी इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से बहाल नहीं हो पायी है । जबकि भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल में लो-वोल्टेज तो दूर विद्युत कटौती भी नहीं होती थी और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का विद्युत आपूर्ति के मामले में अन्य राज्यों से अग्रणी राज्यों में गिनती होती थी। इसके विपरीत जब से छ.ग. में कांग्रेस की सरकार आयी है तब से आमजनों को अत्यधिक बिजली बिल के अलावा लो-वोल्टेज एवं विद्युत कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी स्वयं उर्जा मंत्री है और सत्तापक्ष में होते हुए कांग्रेस विधायक को अपने ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिए स्वयं अधिकारियों के समक्ष गुहार लगानी पड़ रही है ।



