जिले की 133 सोसायटियों में कुटीर भवन और इनमें से 60 स्थानों में खाद गोदाम बनेगा। वर्तमान में मेड़की सहित 40 स्थानों में कुटीर भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। भवन तैयार होने के बाद पोताई चल रही है। चरणवार राशि स्वीकृत होने के बाद 133 सोसायटियों में काम पूरा कराने की प्लानिंग है।
कृषि उपज मंडी के अनुसार जिले के 133 गांव में सोसायटी संचालित हो रहे है, वहां किसानों को सुविधा दिलाने के लिए किसान कुटीर भवन बनाने शासन ने मंजूरी दी है। शासन से राशि स्वीकृति मिलने के आधार पर चरणवार सोसायटी में काम शुरू हो रहा है। वहीं गोदाम होने से गांव में ही खाद, बीज उपलब्ध हो जाएगा। ब्लॉक व जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगा पड़ेगा। मेड़की, दर्रा, खंुदनी, मालीघोरी, घोटिया, कोड़ेवा, परसतराई, मंगचुवा, कमकापार, खैरकट्टा, रेंगाडबरी, कर्रेगांव, भंवरमरा, कोड़ेकसा सहित अन्य सोसायटियों मंे कुटीर भवन बनाने मंजूरी मिल चुकी है।
बैठक रूम, महिला-पुरुष के लिए शौचालय बनेगा
किसान कुटीर भवन में किसानों के लिए एक कमरा बनेगा। एक हाॅल रहेगा। महिला व पुरूष के लिए अलग-अलग सर्वसुविधायुक्त शौचालय बनाया जाएगा। सामने बाउंड्री रहेगा। सभी सोसायटी में किसान किसी न किसी काम से पहुंचते है। वर्तमान में बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कार्यालय में कहीं भी बैठ जाते है। ऐसे में किसानों के लिए ही कुटीर भवन बनाने शासन ने सकारात्मक पहल की है। भवन बनने के बाद किसानों को राहत मिलेगी। वर्तमान में रोजाना किसान पहुंच रहे है।
मंडी निधि से स्वीकृत राशि से भवन बनेगा
कृषि उपज मंडी बालोद के अध्यक्ष भोलाराम देशमुख ने बताया कि मंडी निधि से स्वीकृत राशि से भवन बनेगा। सभी सोसायटी में भवन बनाने चरणवार शासन को प्रस्ताव भेज रहे है। जिस पर स्वीकृति मिल रही है। जिसके बाद भूमिपूजन करवाकर काम शुरू करवा रहे है। एक भवन बनाने में 13 लाख 11 हजार रुपए खर्च होने का अनुमान है। सोसायटी बढ़ेगी तो नए स्थानों में किसान कुटीर भवन बनाने शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।



