Home samachar अमृत मिशन की उच्चस्तरीय जांच कराएं : संतोष पिल्ले…

अमृत मिशन की उच्चस्तरीय जांच कराएं : संतोष पिल्ले…

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210 करोड़ की पेयजल योजना के बावजूद कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं, कांग्रेस पार्षदों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। शहर में लगभग 210 करोड़ रुपये की लागत से अमृत मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति योजना पूरी होने के बावजूद अनेक वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मुद्दे को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से योजना की स्वीकृत राशि, वास्तविक व्यय, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी निरीक्षण और जल वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदारों की भूमिका की जांच कर अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

श्री पिल्ले ने कहा कि अमृत मिशन का मुख्य उद्देश्य शहर के प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक घर तक नियमित एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाना था। इसके लिए केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत लगभग 210 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई और कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई। इसके बावजूद शहर के कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे आम नागरिकों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब योजना पर इतनी बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर किन कारणों से नागरिकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के क्रियान्वयन, निर्माण की गुणवत्ता, पाइपलाइन बिछाने, पंपिंग स्टेशन, पानी की टंकियों और वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली की जांच जरूरी है। कांग्रेस ने इस मामले में प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। अमृत मिशन में कथित अनियमितताओं और शहर में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तकरार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद दल ने विगत दिवस नगर निगम की सामान्य सभा का बहिष्कार किया था। और वही सदन में महापौर द्वारा सामान्य सभा में कहां गया था कि मां की दूध पियो तो जांच करवा लो। इसके बाद मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद और नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि पेयजल नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है। ऐसे में योजना पूरी होने के बावजूद यदि अनेक वार्डों में पानी की समस्या बनी हुई है तो इसके वास्तविक कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। ज्ञापन में अमृत मिशन के अंतर्गत स्वीकृत राशि और वास्तविक व्यय का विस्तृत परीक्षण कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही योजना के पूर्णता प्रमाण-पत्र, माप पुस्तिका, भुगतान विवरण और तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट की जांच कराने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि शहर के सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का वार्डवार सर्वेक्षण कराया जाए। पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशन, पानी की टंकियों, जलस्रोतों और वितरण प्रणाली का तकनीकी निरीक्षण कर यह पता लगाया जाए कि किन कारणों से संबंधित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति बाधित हो रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिन वार्डों में पानी की समस्या है वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। यदि जांच में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी, वित्तीय अनियमितता या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस पार्षदों ने अमृत मिशन के साथ खरखरा जलाशय से राजनांदगांव की मोहारा नदी तक पाइपलाइन बिछाने के कार्य का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह कार्य अब तक अधूरा है। पार्षदों ने इस कार्य की भी जांच कराने तथा इसकी वर्तमान स्थिति, कार्य में देरी के कारणों और संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि शहर की पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों की एक साथ समीक्षा की जानी चाहिए ताकि योजनाओं पर खर्च की गई राशि का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके और भविष्य में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित न हो। इस मामले को व्यापक स्तर पर उठाते हुए कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन की प्रतियां विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह, छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को भी प्रेषित की हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाए और शहर के प्रत्येक वार्ड में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, पार्षद सतीश मसीह, मुकेश साहू, राजा तिवारी, छोटेलाल रामटेके, नयामत हुड्डा, मोहनी युवराज, भारती, संगीता देवांगन सहित कांग्रेस नेता आसिफ अली, राहुल गजभिए, जितेंद्र कुमार साहू और ऋषि रजक सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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