

रायपुर/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी सील और दस्तखत के जरिए शिक्षकों के तबादले का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अज्ञात जालसाजों द्वारा मंत्रालय के लेटरहेड और स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा की फर्जी पदमुद्रा (सील) व जाली हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर 19 शासकीय शिक्षकों व कर्मियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित 13 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को आदेश जारी कर तीन दिनों के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट तलब की है।

6 अगस्त 2026 की तारीख में जारी हुआ था फर्जी आदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रालय महानदी भवन के क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3, दिनांक 06/08/2026 के नाम से एक आदेश वायरल हुआ था। इस आदेश में प्रदेश भर के 19 व्याख्याता, प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक और व्यायाम शिक्षकों का प्रशासनिक/स्वैच्छिक स्थानांतरण दर्शाया गया था। इसमें राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, बस्तर, रायपुर, सरगुजा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित कई जिलों के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के नाम शामिल थे।
विभाग ने माना पूरी तरह फर्जी, दिए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के संज्ञान में जब यह फर्जी आदेश आया, तो दिनांक 24.09.2026 के पत्र के जरिए स्पष्ट किया गया कि यह पूरी तरह फर्जी व कूटरचित है। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक अशोक नारायण बंजारा द्वारा राजनांदगांव, केसीजी, दुर्ग, रायपुर, बस्तर, कबीरधाम सहित संबंधित सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में निर्देशित किया गया है कि फर्जी आदेश में शामिल सभी संबंधित शासकीय सेवकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाए।
डीईओ से 3 दिनों के भीतर इन बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट:
यह फर्जी स्थानांतरण आदेश संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को किस माध्यम से प्राप्त हुआ था? इस फर्जी आदेश के आधार पर किन-किन कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति (रिलीविंग) या कार्यभार ग्रहण (जॉइनिंग) के लिए आवेदन दिया और कितनों को कार्यमुक्त/कार्यभार ग्रहण कराया गया? इसकी दस्तावेज सहित सूची उपलब्ध कराएं। आदेश के फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित डीईओ कार्यालय द्वारा इस प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
मंत्रालय स्तर पर फर्जी सील-हस्ताक्षर से हुए इस तबादला फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है तथा फर्जी आदेश के सहारे मनचाही पोस्टिंग पाने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।



