नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले का आरोप
राजनांदगांव । पूर्व सांसद एवं वर्तमान महापौर मधुसूदन यादव की लोकप्रियता दिनों दिन घट रही है वह इसलिए की वे अब कांग्रेस पार्षदों के वार्डो से जमकर भेदभाव कर रहे हैं यह आरोप लगाते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कहा है कि महापौर के लिए तो पूरी जनता बराबर होनी चाहिए। उनके लिए पूरे शहर का विकास समान रूप से होना चाहिए। लेकिन वे कांग्रेसी पार्षदो वार्डो से भेदभाव कर रहे हैं विकास के लिए अधोसंरचना मद से आई 11 करोड़ 20 लाख 66 हजार रुपए को भाजपा पार्षदों के वार्डों में ही खर्च कर रहे हैं। श्री पिल्ले ने कहा कि वे ऐसे भेदभाव का विरोध करते हैं।
नगर निगम में विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने महापौर मधुसूदन यादव पर कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महापौर का दायित्व पूरे शहर का समान रूप से विकास करना है लेकिन वर्तमान में विकास कार्यों के लिए राशि के वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। श्री पिल्ले के अनुसार विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 11 करोड़ 20 लाख 66 हजार रुपये की राशि का उपयोग भाजपा पार्षदों के वार्डों में किया जा रहा है जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों को इससे वंचित रखा गया है। श्री पिल्ले ने कहा कि राजनांदगांव नगर निगम में कुल 51 वार्ड हैं। इनमें से नौ वार्डों में कांग्रेस के पार्षद निर्वाचित हुए हैं जबकि शेष वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर मधुसूदन यादव द्वारा विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करते समय कांग्रेस पार्षदों के वार्डों की उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराना महापौर की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद राजनीतिक दल के आधार पर वार्डों में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करना उचित नहीं है। श्री पिल्ले ने अपने वार्ड क्रमांक 17 का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके वार्ड के साथ ही वार्ड क्रमांक 11 और 29 सहित कांग्रेस पार्षदों वाले अन्य वार्डों को भी विकास कार्यों के लिए राशि नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वार्डों को राशि आवंटित नहीं किया जाना इस बात को दर्शाता है कि वहां विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वार्डों में रहने वाले नागरिकों को सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता होती है। इन सुविधाओं का विकास राजनीतिक दल देखकर नहीं किया जाना चाहिए। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को वार्ड की समस्याओं के समाधान और विकास की उम्मीद के साथ चुना है। ऐसे में किसी वार्ड में कांग्रेस का पार्षद होने के कारण वहां विकास कार्यों के लिए राशि नहीं देना संबंधित क्षेत्र के नागरिकों के साथ अन्याय है। श्री पिल्ले ने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव पूर्व सांसद भी रह चुके हैं और उनसे शहर के सभी वार्डों के संतुलित विकास की अपेक्षा की जाती है। महापौर का पद किसी एक राजनीतिक दल या उसके पार्षदों तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें पूरे नगर निगम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। इसलिए विकास कार्यों की प्राथमिकता वार्ड की जरूरत, नागरिकों की समस्याओं और जनहित के आधार पर तय की जानी चाहिए। श्री पिल्ले ने कहा कि यदि किसी वार्ड में विकास कार्यों की आवश्यकता है तो वहां के पार्षद का राजनीतिक दल देखे बिना काम कराया जाना चाहिए। शहर के विकास के लिए उपलब्ध राशि का वितरण भी पारदर्शी और समानता के सिद्धांत पर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में राशि आवंटित नहीं होने से वहां के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। श्री पिल्ले ने विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 11 करोड़ 20 लाख 66 हजार रुपये की राशि के आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम को स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किन-किन वार्डों में और किन कार्यों पर खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि विकास के लिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई है तो उसका लाभ शहर के सभी वार्डों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य पूरे शहर का विकास करना है। इसके लिए जरूरी है कि सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्डों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराने का अवसर मिले। किसी भी वार्ड को केवल राजनीतिक कारणों से विकास कार्यों से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। श्री पिल्ले ने कहा कि वे कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के साथ कथित भेदभाव का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों के लिए राशि का आवंटन निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए, ताकि प्रत्येक वार्ड के नागरिकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने महापौर से अपेक्षा जताई कि वे सभी वार्डों को समान दृष्टि से देखते हुए विकास कार्यों के लिए उचित राशि उपलब्ध कराएं। श्री पिल्ले ने कहा कि शहर का विकास किसी राजनीतिक दल विशेष के वार्डों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सभी 51 वार्ड राजनांदगांव नगर निगम का हिस्सा हैं और प्रत्येक वार्ड का विकास नगर निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने विकास राशि के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में भी आवश्यकतानुसार विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की।



