हल्दी के पास पकड़े गए सिंघोला से लाए जा रहे मवेशी, शहर के आवारा मवेशी रेवाड़ीह कांजी हाउस भेजे गए, दी गई सख्त चेतावनी
राजनांदगांव। शहर में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए नगर पालिक निगम द्वारा मवेशी धरपकड़ अभियान में सख्ती बढ़ा दी गई है। बुधवार सुबह ग्राम सिंघोला की ओर से लगभग 50 की संख्या में मवेशी लाकर शहर में छोड़े जाने की कोशिश को निगम अमले ने नाकाम कर दिया। हल्दी के पास मवेशियों को रोककर संबंधित पशुपालकों से 7,700 रुपये का जुर्माना वसूला गया और उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई।
पार्षद की सूचना पर मौके पर पहुंचे आयुक्त
जानकारी के अनुसार ग्राम सिंघोला से बड़ी संख्या में मवेशियों को शहर की सीमा में लाकर छोडऩे की तैयारी थी। इसकी जानकारी हल्दी के पार्षद चंद्रकृत साहू ने नगर निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम को दी। सूचना मिलते ही आयुक्त निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचे और सभी मवेशियों को एक स्थान पर रुकवाया। इसके बाद मवेशी मालिकों को सिंघोला से बुलवाकर उन पर 7,700 रुपये का अर्थदंड लगाया गया और मवेशियों को वापस लौटाया गया।
कान के टैग से होगी शहर के पशुपालकों की पहचान
कार्रवाई के दौरान पकड़े गए मवेशियों में कुछ शहर के स्थानीय मवेशी भी शामिल थे, जिन्हें तत्काल रेवाड़ीह स्थित कांजी हाउस भेज दिया गया। आयुक्त ने पशु चिकित्सालय की टीम को मौके पर बुलाकर शहर के मवेशियों के कानों में लगे टैग के आधार पर उनके मालिकों की पहचान कर अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए।
दो पालियों में चल रहा धरपकड़ अभियान
निगम आयुक्त मरकाम ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों को मवेशी मुक्त रखने के लिए सुबह और शाम दो पालियों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कांजी हाउस से मवेशी छुड़ाने पर प्रति मवेशी 570 रुपये जुर्माना और चारे-पानी के खर्च की वसूली की जाती है। इसके अलावा रात में मवेशियों को सडक़ों से हटाने, रेडियम पट्टी लगाने तथा घायल व बीमार पशुओं को उपचार के लिए आरोग्यम गौशाला भेजने का काम निरंतर जारी है।
दीपावली पर अभियान में आएगी और तेजी
आयुक्त ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने मवेशियों का उचित प्रबंधन करें और उन्हें सडक़ों या खुले में न छोड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी दीपावली त्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ को देखते हुए धरपकड़ अभियान और तेज किया जाएगा। यदि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में लाकर मवेशी छोड़ते पाया गया, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




