खैरागढ़: खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के प्रसिद्ध बैताल रानी घाटी क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी की खबर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि छिंदारी रिसॉर्ट के पास एक साथ तीन तेंदुए देखे गए हैं। इस खबर के सामने आते ही बैताल रानी घाटी मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, स्थानीय ग्रामीणों और छिंदारी रिसॉर्ट सहित छिंदारी बांध पहुंचने वाले पर्यटकों में चिंता बढ़ गई है।
रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बैताल रानी घाटी मार्ग पर रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। सुबह से लेकर देर शाम तक इस मुख्य मार्ग पर ग्रामीणों, पर्यटकों और अन्य राहगीरों की भारी आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में एक साथ तीन तेंदुओं की मौजूदगी की खबर ने सभी को सतर्क कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों इसी क्षेत्र में दुर्लभ वनभैंसा दिखाई देने की खबर भी सामने आई थी।
वन विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी की खबरों के बीच अब वन विभाग की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही बढ़ गई है, तो वन विभाग को राहगीरों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों और राहगीरों की प्रमुख मांगें:
संवेदनशील स्थानों और मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
क्षेत्र में वन विभाग की रात्रि एवं दिन की गश्त बढ़ाई जाए।
मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
तेंदुओं की सटीक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
पर्यटन क्षेत्र में सतर्कता बेहद जरूरी
बैताल रानी घाटी और छिंदारी बांध क्षेत्र अपनी असीम प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए जनसुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। स्थानीय लोगों का मानना है कि वन विभाग को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का तुरंत पता लगाकर जरूरी कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, छिंदारी रिसॉर्ट के पास तीन तेंदुए दिखने की खबर की अभी तक वन विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, आम जनता और पर्यटकों से भी अपील की जा रही है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उनके पास न जाएं, उन्हें परेशान न करें और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दें।
अब देखना यह होगा कि क्या वन विभाग समय रहते गश्त बढ़ाकर राहगीरों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाता है या नहीं?




