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दया, समर्पण और ममता की प्रतीक – आरोग्यम में नर्सों को मिला दिल से सम्मान…

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सेवा, करुणा और समर्पण को समर्पित एक यादगार दिवस

दुर्ग। आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज डे का भव्य आयोजन अत्यंत उल्लासपूर्ण और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन नर्सिंग स्टाफ के अविस्मरणीय योगदान और निःस्वार्थ सेवा को समर्पित रहा, जिन्होंने मरीजों की देखभाल को न सिर्फ पेशा, बल्कि मानवता का धर्म बना लिया है।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथियों में बीएसपी हॉस्पिटल सेक्टर-9 की पूर्व नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट श्रीमती लेखा प्रकाश और श्रीमती खेमि एन. सोनटके मौजूद रहीं। साथ ही अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दारुका, डॉ. आकाश बक्शी, डॉ. साहू, डॉ. मंडल, डॉ. जीवनलाल, और नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट बेला एस. डेनियल, सुमीत घोषाल गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

प्रबंध निदेशक श्रीमती कविता केजरीवाल दारुका ने समस्त नर्सिंग स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा,
“नर्सें केवल चिकित्सकीय सहायता नहीं देतीं, वे आशा की किरण, ममता की मूर्ति और सहानुभूति की जीवंत मिसाल होती हैं। उनकी सेवा के बिना चिकित्सा अधूरी है।”

कार्यक्रम का संचालन डाइटिशियन ऋचा जैन एवं ललिता ने सुंदरता से किया।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों—गीत, नृत्य, नाट्य—ने सभी का मन मोह लिया और माहौल को एक सजीव उत्सव में बदल दिया।

यह आयोजन न केवल एक औपचारिकता था, बल्कि एक सजीव धन्यवाद था उन हाथों के लिए, जो हर दिन मरीजों को सहारा देते हैं, और उन दिलों के लिए जो हर धड़कन में सेवा की भावना रखते हैं।

आरोग्यम परिवार इस आयोजन के माध्यम से सभी नर्सों को एक ही संदेश देना चाहता है:
“आपके बिना चिकित्सा अधूरी है, और जीवन की सेवा भी।”

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