राजनांदगांव (दावा)। इन दिनों सूरज का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी में प्यास से गला सूखा जा रहा है। लेकिन गांव-देहात व अन्य जगहों से शहर आए लोगों को नगर निगम द्वारा जगह-जगह लगाए गए वाटर कूलर का लाभ नहीं मिल पा रहा।
बता दें कि शहर में नगर निगम कार्यालय सहित जिला चिकित्सालय नया बस स्टैंड सहित तकरीबन आधा दर्जन स्थानों पर नगर निगम का वाटर कूलर लगा हुआ है लेकिन उसका लाभ प्यासे कंठों को नहीं मिल पा रहा।
सालों से बंद पड़ा वाटर कूलर
बताते चले कि नगर निगम द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में ठीक प्रवेश द्वार के सामने निगम द्वारा वाटर कूलर लगाया गया है। अस्पताल के ठीक सामने लगभग 10 बाई 8 का जगह रोके लगाए गए इस वाटर कूलर में शुरूआती समय कुछ दिनों तक चला। अस्पताल आए मरीजों व उसके परिजनों को ठंडा पानी उपलब्ध होते रहा उसके बाद जो ठंडा पानी उगलना बंद हुआ तो आज तक बंद पड़ा है।
हास्पीटल के लोगों का कहना है कि बंद पड़े इस दिखावे के वाटर कूलर को निगम उखाड़ कर लें जाए तो ज्यादा बेहतर होगा,ताकि उस जगह का सुरक्षा गार्डों के लिए छाया का स्थान बना सके। बेचारे लोग तपती धूप में बाहर खड़े रहते हैं। बारिश में भी उनके सिर पर कोई साया नहीं रहता । बाहर ड्यूटी देते हुए पानी में भीगते खड़े रहते हैं।
बता दें कि बारिश के दिनों में जिला चिकित्सालय के सामने का बड़ा नाला कचरा व गाद से भरे होंने की वजह से उसका पूरा गंदा पानी अस्पताल परिसर में भर जाता है। यही नहीं अस्पताल में भी प्रवेश कर जाता है। इसे देखते हुए जिला चिकित्सालय के वार्डो व कक्षों को लगभग दो फीट उंचा उठाए जाने का काम जारी है।
हास्पीटल वालों का कहना है कि अस्पताल की उंचाई बढ़ाने के लिए जारी काम के चलते यदि हास्पीटल के प्रवेश द्वार के सामने स्थापित वर्षो से बंद पड़े निगम के वाटर कूलर को हटा दिया जाता तो सुरक्षा गार्डों के तपती धूप व बारिश में खड़े रहने के लिए स्थान बन सकता है। अब देखना यह है कि नगर निगम इन बंद पड़े वाटर कूलर मशीनों को चालू करवाता है या फिर ऐसे ही पड़े रहने देता है। यदि शहर के विभिन्न स्थानों में निगम द्वारा स्थापित किए गए वाटर कूलर भीषण गर्मी के दिनों में चालू हो जाते हैं तो प्यासे कंठों को शीतल जल मिल जाने से उनकी आत्मा तृप्त हो जाएगी । निगम को इसका पूण्य लाभ मिलेगा। नहीं तो शहर में जगह-जगह स्थान रोके लगाए गए इन वाटर कूलर मशीनों को उखाड़ दिया जाना ही उचित रहेगा ताकि वह स्थान लोगों के काम आ सके।



