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प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्टेशन में किए गए सौंदर्यीकरण का किया शुभारंभ…

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० अन्य ट्रेनों के स्टॉपेज सहित अनेक अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया सांसद संतोष पांडे ने
० विभिन्न संगठनों ने रेलयात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए सांसद को सौंपा मांग पत्र

 

डोंगरगढ़। रेलवे स्टेशन पुनर्विकास को लेकर भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत डोंगरगढ़ सहित देशभर के 103 स्टेशनों का लोकार्पण 22 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले 5 प्रमुख स्टेशनों सिवनी, इतवारी, चांदा फोर्ट और आमगांव का भी लोकार्पण किया गया।

डोंगरगढ़ का रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित, मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यह स्टेशन माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर के लिए आने वाले हज़ारों श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार का कार्य करता है। औसतन 6,565 यात्रियों की दैनिक आवाजाही वाले इस स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चुने गए। डोंगरगढ़ स्टेशन की पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य न केवल बढ़ती यात्री आवश्यकताओं को पूरा करना है, बल्कि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी है। त्योहारों, विशेषकर नवरात्रि के दौरान, माँ बम्लेश्वरी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण स्टेशन पर यात्री प्रबंधन में कठिनाइयाँ आती हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डोंगरगढ़ स्टेशन का पुनर्विकास रणनीतिक रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर हो और यात्रियों को अधिक आरामदायक अनुभव मिल सके।

आधुनिकता और परंपरा का संगम करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा डोंगरगढ़ स्टेशन के विकास के लिए रू. 12.51 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर करेगी। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में शामिल है। प्रतीक्षालय, शौचालय, एस्केलेटर जैसी यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण, ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों के लिए स्टॉल, आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएँ, स्टेशन के दोनों ओर से एकीकरण और बहु-मॉडल परिवहन संपर्क, हरित और टिकाऊ निर्माण समाधान, स्टेशन को दीर्घकालीन योजना के तहत शहर के केंद्र में बदलने की योजना,मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन का नया स्वरूप इस बात का प्रतीक है कि भारत में विकास और सांस्कृतिक परंपरा एक साथ चल सकते हैं। स्थानीय समुदाय, वास्तुविदों, इंजीनियरों और कलाकारों का सहयोग इस परियोजना की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। 22 मई को प्रधानमंत्री द्वारा इस स्टेशन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण यात्रियों को एक नई, आधुनिक और सुविधायुक्त स्टेशन की सौगात देगा स्टेशन जो न केवल आवाजाही का केंद्र है, बल्कि स्थानीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी बनेगा।

डोंगरगढ़ विकास मंच के सचिव के के वर्मा ने अपने अथक प्रयास से डोंगरगढ़ में अनेक रेलगाडिय़ों का ठहराव कैसे हो सकता है उसका डाटा कलेक्ट कर मांग पत्र सांसद संतोष पांडे को सौंपा। उनका कहना है कि निश्चित रूप से रेलवे का सर्वांगीण विकास तो किया गया। किंतु ट्रेनों की सुविधा नहीं बढ़ी। मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव कम होना और लोकल ट्रेनों का बंद हो जाना प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ आम यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो गया है। इसके अलावा, मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति द्वारा सांसद संतोष पांडे को सौंपे गए ज्ञापन में, मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शनार्थीयों को ट्रेन मार्ग से सुविधा उपलब्ध कराये जाने की मांग की गई है। ट्रस्ट समिति का कहना है कि, छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में डोंगरगढ़ पूरे प्रदेश तथा देश में विख्यात है, जहां मां बम्लेश्वरी देवी अनादि काल से पहाड़ के ऊपर विराजमान है, डोंगरगढ़ में प्रति माह 2 से 3 लाख दर्शनार्थी अपने अपने साधनों से डोंगरगढ़ पहुंचते है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रसाद योजना’ के अंतर्गत डोंगरगढ़ को चयनित किया गया है, जिसे धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है, डोंगरगढ़ मुम्बई हायडा मेन लाईन (रायपुर एवं नागपुर के मध्य) में स्थित है। मध्य प्रदेश के बालाघाट, सिवनी, मंडला एवं जबलपुर जिले से अत्याधिक संख्या में दर्शनार्थीयों का मां बम्लेश्वरी देवी जी के दर्शनार्थ आगमन होता है, चूंकि गोंदिया से जबलपुर मार्ग जो कि सीधी ट्रेन डोगरगढ़ से ना होकर गोंदिया से प्राप्त होती है इसलिये दर्शनार्थीयों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा डोगरगढ़ में सभी धर्मावलंबियों का भी प्रमुख स्थल है, जैसे कि जैन तीर्थ चन्द्रगिरी, बौद्ध तीर्थ प्रज्ञागिरी। अत: सादर अनुरोध है कि जबलपुर से वाया बालाघाट, गोंदिया होते हुये डोगरगढ़ के लिये सीधी ट्रेन चलाये जाने से सभी धर्मावलंबियों को उपरोक्त का लाभ मिल सकेगा एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाबा मिलेगा तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के संबंध में मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति का कहना है कि, मां बम्लेश्वरी देवी के मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में एवं नवरात्र पर्व में लाखों की संख्या में दर्शनार्थी रेल्वे के माध्यम से आते हैं और आवागमन का प्रमुख साधन भी रेल्वे ही है, इसी तारतम्य में ट्रस्ट संमिति द्वारा आपसे निवेदन है कि, रेल्वे प्रशासन द्वारा नवरात्रि पर्व के दौरान जो भी स्पेशल ट्रेनें पैसेंजर ट्रेन चलाने के साथ ही सुपरफास्ट ट्रेनों का भी स्टॉपेज दिया जाता है। उन ट्रेनों का नियमित ठहराव डोंगरगढ़ में दिया जाये। बिलासपुर-भगत की कोठी- बिलासपुर, बिलासपुर-बिकानेर-बिलारपुर, बिलासपुर-चेन्नई-बिलासपुर, बिलासपुर-पुणे-बिलासपुर, रायपुर-सिकन्दरामाद-रायपुर ट्रेनों का ठहराव से पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। लोकार्पण अवसर पर सांसद संतोष पांडे ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि डोंगरगढ़ स्टेशन में अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज सहित अन्य अपूर्ण कार्यों को शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। रेलवे बुकिंग ऑफिस स्थित एटीएम के पुन: प्रारंभ करने को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने एटीएम को पुन: प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, पूर्व विधायक विनोद खांडेकर, जिला कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे, नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे, मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि तरुण हथेल, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोआना, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अनिल सिन्हा सहित बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता पदाधिकारी व शहरवासी उपस्थित रहे।

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