राजनांदगांव । जिला पंचायत सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री महेंद्र यादव ने एक जारी बयान में कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी डोंगरगांव में आयोजित 24 मई के बैठक में विधायक दलेश्वर साहू की उपस्थिति एवं दबाव में ब्लॉक अध्यक्ष चेतन साहू द्वारा लिए गए निर्णय व प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला पंचायत के तीन बार के सदस्य महेंद्र यादव व विभा साहू के ऊपर निष्कासन की कार्यवाही सहित जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भागवत साहू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की निंदा की है। वह इसलिए की ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को जिला पंचायत सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार नहीं है और इनका निष्कासन हो भी कैसे सकता है।
इन दोनों ने तो जिला पंचायत में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्णय पर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव लड़े हैं और महेंद्र यादव एवं विभा साहू जिला पंचायत सदस्य के साथ-साथ जिला एवं प्रदेश के भी पदाधिकारी हैं और भागवत साहू तो जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं तो अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ ब्लॉक अध्यक्ष कैसे निंदा प्रस्ताव कर सकता है। जिला पंचायत सदस्यों का निष्कासन तो जिला या फिर प्रदेश से होता है।
श्री यादव ने बताया कि यह सब खेल विधायक द्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कंधे पर रखकर खेला जा रहा है। वह इसलिए की महेंद्र यादव एवं विभा साहू ने विधायक के भरपूर विरोध के बावजूद जनता जनार्दन के आशीर्वाद से अपने क्षेत्र में भारी बहुमत से चुनाव जीत कर आए हैं और विधायक दलेश्वर साहू ने तो इन दोनों प्रत्याशियों को अधिकृत करने पर जिला कांग्रेस कमेटी के बैठक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समक्ष धरने पर बैठने की धमकी भी दिए थे और इनको अधिकृत करने व अपने प्रत्याशियों को जिताकर नहीं लाने पर इस्तीफा देने की बात भी कहीं गई थी। श्री यादव ने कहा कि चुनाव 3 महीने बीत चुके हैं और उनके प्रत्याशी बुरी तरह हार भी गए हैं, लेकिन अभी तक विधायक इस्तीफा नहीं दिए है। श्री यादव ने कहा लोकसभा चुनाव में भी जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव लड़े तो विधायक अपने फार्म हाउस से बाहर नहीं निकले और भूपेश बघेल 17000 से डोंगरगांव विधानसभा में हार गए। इसी तरह नगर पंचायत डोंगरगांव, नगर पंचायत लाल बहादुर नगर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत के चुनाव में भी उनके सारे प्रत्याशी बुरी तरीके से हार गए। श्री यादव ने आगे कहा की जो डोंगरगांव कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। उस गढ़ का विधायक ने इतनी दुर्दशा कर दिए है। जिसकी वजह से सभी चुनाव में हार का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। जब कोई कार्यकर्ता काम लेकर जाए तो उन्हें एक ही शब्द कहा जाता है, मेरी तो सरकार नहीं है। जब सरकार में भी थे तो कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दिए। बेइज्जती करके करके भेज दिए जाते थे। जिनके अनेकों उदाहरण है और तुम्हारे गांव में वोट नहीं मिला है। तुम्हारे गांव में कोई काम नहीं दूंगा। ऐसा बर्ताव आज भी कार्यकर्ताओं के साथ उनके द्वारा की जाती है। श्री यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में भी अगर विधायक ने अपना व्यवहार नहीं सुधारा तो आने वाले चुनाव में दीए लेकर ढूंढने में भी कार्यकर्ता नहीं मिलेंगे। इतनी दुर्गति कांग्रेस पार्टी की विधायक ने करके रख दी है।



