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राजनांदगांव: बाजार से दस, बीस व पांच के नोट तथा सिक्के गायब, लोगों को हो रही परेशानी….

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डिजीटल लेन-देन होने के बाद भी बाजार में छुट्टे नोट व सिक्के गायब होना संदेहास्पद

राजनांदगांव (दावा)। बाजार में इन दिनों दस बीस व पांच के नोट तथा सिक्के नजर नहीं आ रहे। बताया जा रहा है कि उक्त नोट व सिक्के पूरी तरह गायब है। इससे दुकानदारों से लेकर ग्राहकों की परेशानी बढ़ी हुई है। लोग अपने पास सौ , दो सौ व पांच सौ के नोट रखकर भी सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। ग्राहकों को उनके पास दस बीस या पांच रुपए के नोट अथवा सिक्के नहीं होने पर बिना खरीदी किए उन्हें वापस जाना पड़ रहा है या फिर दुकानदार पहचान वाला है तो उधारी कर के जानी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि सप्ताह पंद्रह दिन पहले दस बीस पांच के नोटों व सिक्के की कोई कमी नहीं थी लेकिन अचानक बाजार से ये नोट और सिक्के कहा गायब हो गए, पता नहीं चल रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि अभी देश में कही दस, बीस व पांच के सिक्के को गलाने के समाचार भी नहीं मिल रहे तब बाजार से इन नोटों व सिक्को का अचानक गायब हो जाना कई रहस्यों को जन्म दे रहा है।
मंदिरों में चिल्हरों की मांग बढ़ी
बाजार में दस बीस व पांच के नोट व इसके सिक्कों के अचानक गायब हो जाने से परेशान दुकानदार मंदिरों की ओर रुख कर रहे हैं। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ व अन्य मंदिरों से चिल्हरो की मांग की जा रही है। एवज में भले ही थोड़े बहुत अतिरिक्त पैसे उन्हें दे दिए जा रहे हो। लेकिन इन चिल्हर पैसों की मांग में कमी नहीं आई है। गायत्री शक्तिपीठ हो या अन्य मंदिर, इसके नजदीकी के लोग मंदिरों में चढऩे वाले छोटे नोटों व चिल्हर पैसों के लिए मंदिर वालों को परेशान करना नहीं छोड़ रहे हैं। इधर मंदिर वाले भी इन छुट्टे नोट व सिक्के के रूप में चिल्हर मांगने वालों से खासे परेशान हैं।
चेंबर आफ कामर्स से जुड़े फल व्यवसायी संजय तेजवानी ने बताया कि बाजार में छुट्टे नोट व सिक्के नहीं होने से दिक्कते बढ़ गई है। गुपचुप वाले के पास बीस रुपए के गुपचुप खाने के बाद पचास रुपए टिकाने पर वह तीस रुपए के दस बीस के नोट या सिक्के वापिस नहीं कर सका। बाद में दे देना भैया जी कहकर अपने अन्य ग्राहकी में लग गया।
छुट्टे नोटों व सिक्कों का गायब होना रहस्यमय
बताया जाता है कि पखवाड़े भर पहले चेंबर ऑफ कॉमर्स के लोगों द्वारा बैंक से खूब छुट्टे नोट सिक्के उठाए थे। इससे बाजार में चिल्हर ही चिल्हर नजर आ रहा था। लेकिन दस-पंद्रह दिन बाद अचानक छुट्टे नोटों के साथ-साथ चिल्हर सिक्कों का गायब हो जाना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
शहर स्टेट बैंक के पूर्व अधिकारी ने बताया कि छुट्टे नोट व सिक्के रिजर्व बैंक आफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। हो सकता है कि रिजर्व बैंक में इसके टोटे पड़ गए हो या टकसाल में नए सिक्के नही ढलाए जा रहे हो। यही वजह हो सकता है, बाजार से दस बीस व पांच के नोट सहित इसके सिक्के गायब होने के।
लोगों का यह भी कहना है कि आज कल नगद लेंन- देन काफी कम हो गया है। ज्यादातर नौकरी पेशा व पढ़े- लिखे लोग मोबाइल -पे से भुगतान कर रहे हैं। एक रुपए से लेकर सौ रुपए हजार दस हजार रुपए इसी माध्यम से भुगतान हो रहा है, तब बाजार में इन छुट्टे नोटों या सिक्को को रहना चाहिए लेकिन यह सब गायब नजर आ रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। लोग कम कीमत वाले सामानों को भी छुट्टे नोट व सिक्को के अभाव में खरीद नहीं पा रहे हैं। दुकानदार को सौ-दो सौ, पांच सौ का नोट टिकाने पर उसे छुट्टे नोट दो या सिक्के दो कहकर वापिस कर दिया जा रहा है। इसके अभाव में लोगों के बगैर सामान खरीदे वापस आना पड़ रहा है।

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