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रेत की कीमते दुगनी विकास निर्माण कार्यों पर बुरा असर – आलोक बिंदल….

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डंप रेत पर मुनाफाखोर काट रहे चांदी विकास निर्माण कार्यों पर लग सकता है ग्रहण*

 

*राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष व कांट्रेक्टर एसोसिएशन के जिला सचिव आलोक बिंदल ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा है कि जिले में रेत की कीमतों पर जिम्मेदार अधिकारियों का नियंत्रण नहीं होने से निजी अर्ध शासकीय व शासकीय निर्माण कार्यों में अड़चने आ रही है उन्होंने कहा कि पुल, पुलिया, गली कंक्रीट कारण, प्रधानमंत्री आवास, निजी आवास आदि के कार्यों में रेत की कीमतें दुगनी होने से काम रुकने लगे हैं अथवा काम शुरू नहीं हो पा रहा है चलते हुए काम रुकने लगे हैं।

श्री बिंदल ने आगे कहा कि कुछ समय पहले गर्मी के दिनों तक जिले में रेत की आपूर्ति धमतरी और चाराआमा से हो रही थी। अब बरसात लग जाने के कारण वहां की रेत खदाने बंद हो गई है। इधर राजनांदगांव जिले में 5 साल पहले तक दर्जन भर रेत खदान चल रही थी। लेकिन चार-पांच साल से बंद है इस वजह से चोरी छुपे रेत का उत्खनन परिवहन करने वालों ने भारी मात्रा में रेत डंप करके जहां-तहां रखा है अब इस डंप रेट को भारी मुनाफाखोरी करके बेची जा रही है। चार-पांच साल पहले तक 12 हजार व 14 हजार प्रति हाईवे मिलने वाली रेत अब 25 हजार से 26 हजार रुपए प्रति हाईवे बिक रही है। यदि शासन ने रेत की कीमतों पर लगाम नहीं कसा तो शासकीय अर्ध शासकीय व निजी कार्यों के गति पकड़ने पर विराम लग सकता है जिले में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने हैं। गरीबों के प्रधानमंत्री आवास निर्माण पर रेत के कीमतें बढ़ी होने से ठेकेदार हाथ खींच सकते हैं इस तरह निर्माण कार्यों में बाधा खड़ी होने की आशंका बलवती हो गई है।

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