राजनांदगांव (दावा)। भू-जल स्तर बढ़ाने एवं वर्षा का पानी भूमि में जाने महापौर मधुसूदन यादव ने नागरिकों से अपने घरों प्रतिष्ठानों एवं भवनों में रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील की है।
महापौर ने कहा कि हमारे जीवन में जल का विशेष महत्व है। आज पेड़ों की अंधाधुन कटाई एवं शहर व गांव में सीमेंट कांक्रिटिंग रोड निर्माण होने से जमीन के अंदर पानी नहीं पहुंच पाता है। जिससे भूगर्भ में जल की कमी हो गई है। जिससे नदी, तालाबों, कुओं, हैण्ड पंपों का जल स्तर कम होता जा रहा है और यही स्थिति रही तो भविष्य में पानी की किल्लत एक विकराल रूप ले लेगी। इस समस्या से निपटने के लिए भूमि में जल स्तर बढ़ाने प्रयास करना होगा। इसके लिए हमे घरों व भवनों में रैन वाटर हारवेस्टिंग लगाना चाहिये। जिससे बरसात का पानी छत व आंगन के माध्यम से नीचे जमीन में जाता है, जो जल स्तर को बढाता है। हैण्डपंप के पास सोक्ता पीठ का निर्माण करना चाहिए। जिससे भी जल स्तर बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वर्षा ऋतु चल रही है। वर्षा का पानी भूमि में जल स्तर बढ़ाने का अच्छा माध्यम है। इसलिए वर्षा का पानी भूमि में जाने रैन वाटर हारवेस्टिंग जरूर करावे। महापौर ने कहा कि रैन वाटर हारवेस्टिंग के लिए नगर निगम द्वारा भवन निर्माण के समय निगम मेें राशि जमा कराई जाती है और भवन पूर्णता के पहले हारवेस्टिंग सिस्टम लगने की जांच कर पूर्णता दी जाती है। यदि हारवेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया जाता तो उनकी राशि राजसात कर निगम द्वारा हारवेस्टिंग सिस्टम लगाने नोटिस दिया जाता है। नहीं लगाने की स्थिति में निगम में जमा एफडीआर राजसात कर उसी राशि से निगम द्वारा संबंधित के घर या भवन में हारवेस्टिंग सिस्टम लगाया जाता है।
महापौर ने सभी घरों व भवनों के मालिको से अपील करते हुए कहा कि इस बरसात वे अपने घरों व भवनों में रैन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगावें। जिससे बारिश का पानी जमीन में जा सके, ताकि जल स्तर बढ़ सके। उन्होंने बताया कि निजी के साथ साथ शासकीय भवनों समाजिक भवनों मे भी रैन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगानी चाहिए। जिससे बारिश का पानी भूगर्भ मे जा सके।



