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लोकसभा में राहुल गांधी का 50 मिनट का आक्रामक भाषण: ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों पर मचा भारी बवाल, स्पीकर ने कार्यवाही से हटाए बयान…

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इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों से मचा हंगामा; स्पीकर ने हटवाए बयान
लोकसभा में राहुल गांधी के 50 मिनट के भाषण ने बवाल खड़ा कर दिया है, जहां ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ।

लोकसभा में बुधवार को पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी का 50 मिनट का भाषण राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। भाषण के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत का जिक्र करते हुए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कई बार खड़े होकर विरोध दर्ज कराते रहे, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी बार-बार हस्तक्षेप करते हुए असंसदीय शब्दों से बचने की सलाह दी। बाद में स्पीकर ने विवादित शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।

‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों पर सत्ता पक्ष का विरोध
राहुल गांधी ने अपने भाषण में एक छात्रा के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रा ने कुछ लोगों के लिए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए थे। इसी दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। किरेन रिजिजू ने इसे असंसदीय बताते हुए राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। राहुल ने जवाब में कहा कि अगर सरकार चाहती है कि सिर्फ भाजपा ही बोले, तो वे चुप होकर बैठ सकते हैं।

स्पीकर ओम बिरला ने हटवाए विवादित शब्द
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और असंसदीय भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अपील के बाद स्पीकर ने ‘इडियट’ समेत विवादित शब्दों को लोकसभा की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। नियमों के अनुसार, किसी शब्द को असंसदीय मानने का अंतिम अधिकार स्पीकर के पास होता है।

गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप, माफी की मांग तेज
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री की ओर से फायरिंग और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी गई थी। इस बयान पर किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना सबूत इतने गंभीर आरोप लगाना गलत है और राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यदि इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए।

हंगामे के बीच बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार नारेबाजी होती रही। बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक और बाद में 3 बजे तक स्थगित कर दी। पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा लगातार दूसरे दिन भी जारी रही।

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