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राजनांदगांव से बाघ नदी तक हाईवे पर गौवंश की लगातार मौत, अशोका हाईवेज टोल प्लाजा को जिम्मेदार ठहराने की मांग…

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एक माह में 100 से अधिक गौ माताओं की सड़क हादसों में मौत का दावा, हिंदू जागरण मंच ने एफआईआर की मांग की पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सोपा

राजनांदगांव। राजनांदगांव से ठाकुरटोला टोल प्लाजा होते हुए बाघ नदी तक नेशनल हाईवे पर लगातार हो रही गौवंश की मौतों को लेकर हिंदू जागरण मंच राजनांदगांव ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन का दावा है कि पिछले लगभग एक माह में इस मार्ग पर 100 से अधिक गौ माताओं की ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों की चपेट में आने से मृत्यु हो चुकी है।

हिंदू जागरण मंच ने इस गंभीर स्थिति के लिए अशोका हाईवेज टोल प्लाजा प्रबंधन की भूमिका की जांच कर उसे जिम्मेदार ठहराए जाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि नेशनल हाईवे पर गौवंश की लगातार मौजूदगी के बावजूद टोल प्लाजा प्रबंधन द्वारा उनकी सुरक्षा, रेस्क्यू एवं सड़क से सुरक्षित हटाने के लिए अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है।

मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि राजनांदगांव से ठाकुरटोला टोल प्लाजा और आगे बाघ नदी तक का मार्ग भारी वाहनों की आवाजाही वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है। ऐसे में सड़क पर बेसहारा गौवंश का मौजूद रहना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। एक माह में 50 से अधिक गौवंश की मौत का दावा इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग
हिंदू जागरण मंच ने कहा कि टोल प्लाजा संचालक एवं संबंधित हाईवे प्रबंधन की जिम्मेदारी और उनके द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच की जानी चाहिए। संगठन का आरोप है कि दुर्घटनाओं में घायल अथवा मृत गौवंश को तत्काल सड़क से हटाने तथा घायल पशुओं को उपचार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है।
मंच ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा पूरे मार्ग का निरीक्षण कराया जाए और पिछले एक माह में हुई गौवंश की मौतों का वास्तविक आंकड़ा जुटाया जाए। साथ ही घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज एवं टोल प्लाजा के रिकॉर्ड की जांच कर यह निर्धारित किया जाए कि गौवंश की सुरक्षा के लिए संबंधित प्रबंधन द्वारा क्या कदम उठाए गए थे।

एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग
हिंदू जागरण मंच ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही पाए जाने पर अशोका हाईवेज टोल प्लाजा के जिम्मेदार अधिकारियों/प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
संगठन ने कहा कि किसी भी संस्था अथवा प्रबंधन को जांच से पहले दोषी घोषित करने के बजाय तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। यदि जांच में टोल प्रबंधन अथवा संबंधित जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

गौवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग
मंच ने राजनांदगांव से बाघ नदी तक हाईवे के संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही घायल गौवंश के लिए रेस्क्यू वाहन, उपचार की व्यवस्था तथा मृत गौवंश को सड़क से तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
हिंदू जागरण मंच ने कहा कि हाईवे पर गौवंश की लगातार हो रही मौतें केवल पशु सुरक्षा का विषय नहीं हैं, बल्कि इससे वाहन चालकों एवं आम नागरिकों की जान को भी खतरा बना हुआ है। तेज रफ्तार ट्रकों की चपेट में आने से गौवंश की मौत के साथ-साथ कभी भी बड़ी सड़क दुर्घटना हो सकती है।

संगठन ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि राजनांदगांव से ठाकुरटोला टोल प्लाजा होते हुए बाघ नदी तक पूरे मार्ग की तत्काल जांच कराई जाए, एक माह में हुई 100 से अधिक गौवंश की मौत के दावे की सत्यता की जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय की जाए।
हिंदू जागरण मंच ने स्पष्ट किया कि गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस एवं स्थायी व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में संगठन प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहेगा।

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