महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने सौंपा नियुक्ति आदेशराजनांदगांव (दावा)। संस्कारधानी राजनांदगांव के माटीपुत्र, प्रख्यात युवा साहित्यकार एवं भाषाविद् प्रोफेसर एम. हसीन खान को महाराजा सुहेल देव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में स्थापित राहुल सांकृत्यायन शोधपीठ का समन्वयक नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने उन्हें औपचारिक नियुक्ति आदेश सौंपते हुए बधाई व शुभकामनाएं दीं। महापंडित राहुल सांकृत्यायन के जीवन, बहुआयामी साहित्य, दर्शन, यात्रा-वृत्तांत, बौद्ध अध्ययन एवं वैचारिक अवदान पर समग्र शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस पीठ की स्थापना की गई है। प्रो. खान वर्तमान में श्री गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालटारी (आजमगढ़) के हिंदी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर सेवारत हैं। उनके समन्वयक बनने से शोधपीठ के अंतर्गत उच्चस्तरीय अकादमिक शोध और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्वर्ण पदक के साथ दिग्विजय कॉलेज से पूरी की शिक्षा
प्रो. एम. हसीन खान की प्रारंभिक व स्कूली शिक्षा राजनांदगांव में हुई। उन्होंने स्थानीय शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से बीए की उपाधि ‘राधाबल्लभ जानी स्वर्ण पदक’ के साथ हासिल की। इसके बाद पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से एमए (हिंदी) में विश्वविद्यालय स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। नेशनल स्कॉलरशिप प्राप्त प्रो. खान ने बीएड, यूजीसी-नेट और पीएचडी की उपाधियां भी अर्जित कीं। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग उत्तर प्रदेश से चयनित होकर वे अध्यापन सेवा में आए।
साहित्य साधना व कृतित्व
साहित्य और शोध जगत में प्रो. खान की कई प्रतिष्ठित पुस्तकें प्रकाशित व बहुचर्चित रही हैं। इनमें तुम युवा हो, जमीन पर उतरी कविता, काव्य प्रभात, समकालीन काव्य परिदृश्य और नागार्जुन का काव्य, भारतीय संस्कृति और साकेत का नवम सर्ग, साहित्य शास्त्र और हिंदी आलोचना, कार्यालयी हिंदी और कंप्यूटर तथा आदिकालीन हिंदी काव्य प्रमुख हैं। उनकी रचनाओं में आलोचनात्मक दृष्टि, भारतीय संस्कृति और आधुनिक भाषाई चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।
राष्ट्रपति भवन अतिथि सम्मान व सामाजिक सरोकार
प्रो. खान को 4 जुलाई 2013 को राष्ट्रीय युवा महोत्सव के दौरान राष्ट्रपति भवन में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसके अलावा 25 जनवरी 2014 को लखनऊ में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर तत्कालीन राज्यपाल बी.एल. जोशी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा द्वारा वे सम्मानित किए जा चुके हैं। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में एनएसएस समन्वयक रहते हुए उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता के लिए करीब 20 ‘बापू बाजार’ आयोजित कराए। वर्तमान में वे महाराजा सुहेल देव विवि में भी बापू बाजार के समन्वयक का दायित्व संभाल रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर राजनांदगांव के साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है।



