खैरागढ़: छत्तीसगढ़ की माटी परंपरा और संस्कृति के सम्मान में इस हरेली पर्व पर खास आयोजन देखने को मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को हरियाली और समृद्धि की प्रतीक मानकर फूल-मालाओं और गुलदस्तों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि एवं मिशन संडे संयोजक मनराखन देवांगन नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन सहित कई कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर राज्य की संस्कृति और परंपरा को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान मनराखन ने कहा कि छत्तीसगढ़ हमारी परंपरा है,हमारी भाषा हमारी बोली है। हरेली जो छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार माना जाता है, हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है। इसलिए इस पर्व को पूरे उत्साह और एकजुटता के साथ मनाना चाहिए।।इस आयोजन के माध्यम से मिशन संडे टीम ने 36गढ़ के लिए यह संदेश दिया कि अपनी संस्कृति को जीओ अपनाओ और अगली पीढ़ी को भी इससे जोड़ो।
छत्तीसगढ़ी त्योहारों और संस्कृति को भूपेश बघेल सरकार ने दी नई पहचान – मनराखन देवांगन
मिशन संडे के संयोजक एवं कांग्रेस नेता मनराखन देवांगन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक त्योहारों और सामाजिक विरासत को एक नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने न केवल इन त्योहारों को सम्मान दिया बल्कि उन्हें सरकारी स्तर पर मनाकर परंपराओं को जीवित करने का कार्य भी किया।
देवांगन ने कहा छत्तीसगढ़ के पहले त्यौहार हरेली से लेकर तीजा-पोरा, कर्मा, गोवर्धन पूजा, छेरछेरा तक—हर पर्व को गांव-गांव और शासकीय स्तर पर बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इन आयोजनों ने जनमानस में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और आत्मीयता का भाव जगाया। उन्होंने यह भी कहा कि आज आवश्यकता है कि इस सांस्कृतिक विरासत को निरंतर बनाए रखा जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं की सजीव अनुभूति हो सके। मनराखन देवांगन ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना व सम्मान के आयोजनों को भी इसी परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से माटी से जुड़ाव और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है।
इस दौरान अरुण भारद्वाज, शेखर दास वैष्णव, अजय देवांगन, नरेंद्र सेन कमलेश यादव धनी साहू, नारायण साहू, कीर्तन साहू, फलेन्द पटेल कुहुक लाल सहित अन्य कांग्रेस मौजूद थे।
( यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”)



