Home छत्तीसगढ़ चोरी के जेवरात खरीदने के आरोप में सराफा व्यापारी वैभव लूनिया गिरफ्तार….

चोरी के जेवरात खरीदने के आरोप में सराफा व्यापारी वैभव लूनिया गिरफ्तार….

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राजनांदगांव (दावा)। सिटी कोतवाली पुलिस ने नकबजनी के दो प्रकरण में चोरी के जेवरात खरीदने वाले सर्राफा व्यापारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि उक्त प्रकरण में दो आरोपी सहित दो नाबालिग आरोपी पूर्व से न्यायिक अभिरक्षा में है।

थाना प्रभारी श्री सिंह ने घटना के संबंध में बताया कि प्रार्थी मो. शाहरूख खान पिता स्व. कदीर खान उम्र 32 वर्ष निवासी तुलसीपुर बख्तावर चाल ने गत दिनों 11 जून को थाने आकर लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह घटना दिनांक 07 जून की रात्रि करीब 8 बजे अपने पूरे परिवार के साथ घर में ताला लगाकर बांधाबाजार (अं. चौकी) अपने ननिहाल गया था। अगले दिन 8 जून की रात्रि करीब 10.30 बजे वापस अपने घर बख्तावर चाल आने पर देखा कि घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था तथा घर के भीतर जाकर देखा आलमारियों का लॉक भी टूटा हुआ था सामान बिखरा पड़ा था। आलमारी में रखे नगदी रकम 30 हजार रूपये सोने के विभिन्न जेवरात किमती 2 लाख रूपये कुल किमती लगभग 2 लाख 30 हजार रूपये किसी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है। इस पर अज्ञात आरोपी के खिलॉफ अपराध क्र. 285/25 धारा 331(4), 305 (ए), 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया।

शहर के दो स्थानों में हुई थी चोरी की वारदात
इसी तरह प्रार्थी बेला प्रसाद पिता स्व. एम.आर. प्रसाद उम्र 72 वर्ष निवासी राज डेन्टल क्लीनिक के बाजू वाली गली टांकापारा वेसलियन स्कूल के पास द्वारा गत दिनों 13 जून को थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि विगत 7 मई को घर में ताला लगाकर अपने परिवार सहित कोयम्बटुर (तमिलनाडु) गये हुए थे। इस दौरान 10 जुलाई को इसके पड़ोसी भाई अनुराग शैमुअल फोन कर जानकारी दिया कि उसके घर एवं आलमारी का ताला को टुटा हुआ है व घर का सामान बिखरा पड़ा हुआ है। इस पर 12 जून को कोयम्बटुर (तमिलनाडु) से वापस राजनांदगांव आकर देखा तो घर के दरवाजा एवं अंदर के आलमारी टुटा हुआ था, आलमारी में रखे सोने के विभन्न जेवरात कीमत 43 हजार यपये एवं नगदी रकम 15 हजार रूपये कुल 58 हजार रूपये गायब था। जो किसी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले जाना बताया। उक्त रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलॉफ अपराध क्र. 286/25 धारा 331(4), 305 (ए), 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया। दोनों घटना की जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में तथा उनके नेतृत्व में तत्काल टीम गठित कर दोनों घटना स्थल में रवाना किया गया।

सीसीटीवी कैमरे में मिले आरोपियों के क्लू
घटना स्थल एवं उसके आसपास लगे सीसीटीव्ही कैमरे के फुटेज को खंगाला गया एवं मुखबीरों से संपर्क पता उठाया गया, फुटेज में मिले क्लू के आधार पर घटना स्थल से खैरागढ़ की ओर टीम रवाना कर रास्ते में लगे सीसीटीव्ही कैमरे को चेक कराया गया। सीसीटीव्ही कैमरे फुटेज में मिले क्लू के आधार पर आरोपी दीपक बघेल पिता चंदू बघेल उम्र 25 वर्ष निवासी पिपरिया थाना खैरागढ़ हाल पता विजय नगर पुराना बाजार चौक फेमस बिल्डिंग के पास गली नं. 8 नागपुर थाना कलमना जिला नागपुर (महाराष्ट्र) व लालचंद उर्फ चंद्रकुमार वर्मा पिता सुदर्शन वर्मा उम्र 20 वर्ष निवासी पिपरिया थाना खैरागढ़ एवं दो अपचारी बालक को घेराबंदी कर पकड़ा गया। चारों को राजनांदगांव लाकर घटना के संबंध में पूछताछ करने दोनों घटना में सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम को चोरी करना स्वीकार किया गया। इस पर पुनीत द्वारा आरोपियों के कब्जे से चोरी गया जेवरात जुमला कीमत 2 लाख 43 हजार रूपये एवं घटना में प्रयुक्त स्कूटी क्रमांक सीजी-08/एजेड 5216, लोहे का राड, पेचकस एवं एक मोबाईल को जप्त किया गया। नगदी रकम को खाने-पीने में खर्च कर होना बताया गया। आरोपियों के खिलॉफ पर्याप्त अपराध सबूत पाये जाने से उन्हें 26 जून को विधिवत गिरफ्तार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। आरोपियों द्वारा पूछताछ मेमोरण्डम कथन मे चुराई गई जेवरात को वर्धमान ज्वेलर्स खैरागढ़ के संचालक वैभव लूनिया के पास बेचना स्वीकार किये थे।

आरोपियों ने चोरी करना किया स्वीकार
विवेचना के दौरान वैभव लूनिया पिता धणेन्द्र कुमार लूनिया उम्र 33 वर्ष निवासी खैरागढ़ को हिरासत मे लेकर पूछताछ करने पर आरोपियों से चुराई गई सोने चांदी की जेवरात को 40 हजार रूपये मे खरीदना स्वीकार किया। इस पर आरोपी के कब्जे से उक्त सोने चांदी के जेवरात को बरामद किया गया। आरोपी का कृत्य धारा 317(2) बीएनएस के तहत अपराध सबूत पाये जाने से मंगलवार 29 जुलाई को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर उसे जिला जेल मे दाखिल कर दिया या गया है।

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