राजनांदगांव (दावा)। भाजपा नेता अशोक चौधरी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे देश के खिलाफ बात करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर के मुद्दों पर विपक्षी पार्टियों के बयानों को पाकिस्तान मीडिया, शासनाधीन अधिकारियों और वहां की खुफिया सेवा के अधिकारियों के बयानों से जोड़ा।
श्री चौधरी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी केवल एक समुदाय को खुश करने के लिए बार-बार बहुसंख्यक हिंदू समाज का अपमान करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन पार्टियों में जो हिंदू नेता हैं। वे ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां सुनने के बावजूद अपने नेताओं को कोई नसीहत नहीं देते। श्री चौधरी के मुताबिक संसद में विपक्षी पार्टियों द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही दे दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लगभग 2 घंटे के भाषण में एक-एक बिंदु का उल्लेख करते हुए जवाब दिया।
ट्रंप के बयान और नेहरू के फैसलों पर पीएम मोदी का पलटवार
सबसे अप्रत्याशित जवाब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार समझौता करने वाली बात को लेकर था। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिरे से खारिज करते हुए ट्रंप के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दल इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के देश के अहित में लिए गए फैसलों पर भी बेबाकी से बात की। उन्होंने 1948 के पीओके मामले में यूएनओ जाने के गलत फैसले पर प्रकाश डाला। साथ ही 1960 के सिंधु जल समझौते को भारत के हितों के खिलाफ बताया, जिसमें नहर बनाने के लिए पाकिस्तान को करोड़ों रुपये की राशि दी गई थी। इसके अलावा उन्होंने 1971 के युद्ध में पीओके को वापस न लेने की भूल पर भी जोरदार ढंग से अपनी आवाज उठाई।
मतांतरण मामले पर कांग्रेस पर बड़ा आरोप
अशोक चौधरी ने कांग्रेस पर एक नया आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जिसमें कई युवतियों के साथ दो पादरी दुर्ग स्टेशन पर मतांतरण के मामले में पकड़े गए हैं। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने मतांतरण करवाने वालों के पक्ष में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। श्री चौधरी ने इसे ‘बेशर्मी की हद’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस कृत्य पर हिंदुओं को गंभीरता से सोचना चाहिए।



