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क्या प्रशासन कर रहा किसी और अनहोनी का इंतज़ार? जिस नाले में बहा था अमित वो आज तक खुला है…

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00 हर साल बाढ़ और हर बार नुकसान, इस बार जान भी गई, फिर भी नगर पालिका प्रशासन बेफिक्र, 00 विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल,कहा कुंभकर्णीय निंद से जागना पड़ेगा नगर पालिका प्रशासन को,

(यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”)

खैरागढ़ : उपरी दबाव के चलते और लगातार हों रही मुसलाधार बारीश के कारण और अचानक किसी बिना सूचना के प्रधानपाठ बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार 26 जुलाई को खैरागढ़ नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।।नगर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया, नगर के मेन मार्केट के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। लेकिन नुकसान सिर्फ संपत्ति का नहीं था — इस बार बाढ़ एक ज़िंदगी भीक्या प्रशासन कर रहा किसी और अनहोनी का इंतज़ार? जिस नाले में बहा था अमित वो आज तक खुला है बाढ के दौरान इतवारी बाजार में नाले में बहकर जान गंवाने वाले युवक अमित यादव की मौत ने फिर से प्रशासन की नाकामी को बेनकाब कर दिया है।। बाढ़ के पानी से तबाही झेल रहे इस बाजार में हर बार की तरह इस बार भी आमनेर और मुस्का नदी का पानी आकर भर गया। क्षेत्र समतल होने की वजह से पानी तेजी से दुकानों और गलियों में भर गया। इसी दौरान बाढ़ में मस्ती कर रहे कुछ युवकों में से एक युवक अमित यादव बह गया था और उसके साथ स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के करीब आधे घंटे बाद बरेठपारा निवासी देवशरण रजक भी उसी नाले में बहा, लेकिन चमत्कारिक रूप से उसने किसी तरह खुद को बचाकर सकुशल बाहर निकल आया। अमित वहीं फंसा रह गया और अपनी जान नहीं बचा सका देवशरण ने बताया कि वह नाले से बाहर निकलकर बेसुध पड़ा था । जब उसके हाथ से सांप गुजरा तब उसे होश आया और वह भागकर अपने घर आया।

आज पर्यान्त तक वह नाला खुला पड़ा है, जहां पर एक युवक की जान चली गई
चौंकाने वाली बात ये है कि जिस नाले में अमित बहा, तीन दिन बाद भी नाले के मुहाने को बंद करने कोई पहल नहीं की गई,
हर साल खैरागढ़ बाढ़ की चपेट में आता है, और सबसे ज्यादा मार झेलता है इतवारी बाजार क्षेत्र, जहां आमनेर और मुस्का नदी का पानी मिलकर तबाही मचाता है।। यह कोई पहली बार नहीं है, 2024 में भी हालात भयावह थे और नगरवासी हर वर्ष नुकसान झेल रहे हैं।। लेकिन न तो नगर पालिका प्रशासन ने और न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहर के भीतर पानी के प्रवेश को रोकने कोई स्थायी कार्ययोजना बनाई, न ही संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

विपक्ष की तिखी प्रतिक्रिया, कहा कुंभकर्णीय निंद से जगाना पड़ेगा नगर पालिका प्रशासन को
नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने इस त्रासदी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।। उनका कहना है की :
“हर वर्ष खैरागढ़ में बाढ़ आती है और सबसे ज्यादा नुकसान इतवारी बाजार को होता है।। इस बार एक नौजवान जो अपने परिवार का एकलौता बेटा था अमित जिसकी जान चली गई।। जिस नाले में वह बहा, वहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।।लेकिन एक जान जाने के बाद भी प्रशासन नहीं जागा। अब अगर फिर बाढ़ आई और उसी नाले से किसी और की जान गई,तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह नगर पालिका प्रशासन की होगी।।”
सदमे में हैं परिवार और स्थानीय निवासी
घटना के बाद अमित के परिजन और स्थानीय लोग सदमे में हैं।। पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने अथक प्रयासों के बाद दूसरे दिन अमित का शव बरामद किया, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता अब भी जस की तस है।।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश वर्मा ने नाले पर जल्द जाली लगाने की बात कही है।।
सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन खैरागढ़ का यही हाल रहा हर साल पानी, हर बार तबाही, और हमेशा देर से जागने वाला तंत्र।

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