Home छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत: करमतरा गांव में अधूरी योजना से...

जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत: करमतरा गांव में अधूरी योजना से ग्रामीण बेहाल, एकमात्र बोर पर निर्भर जीवन…

52
0

टंकी बनी, पुरानी पाइपलाइन से जोड़ दिए गए कनेक्शन, लेकिन ग्रामीणों के घर तक
अब तक नहीं पहुंचा नल का जल

( यतेंद्र जीत सिंह “छोटू”)
खैरागढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्त्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य था। ग्रामीण क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल की सुविधा नल के माध्यम से उपलब्ध कराना, लेकिन ग्राम पंचायत करमतरा में यह उद्देश्य अब तक अधूरा ही रह गया है। गांव में पानी टंकी का निर्माण तो हो गया है, लेकिन ठेकेदार ने नई पाइप लाइन बिछाने के बजाय पुरानी पाइपलाइन में ही कनेक्शन जोड़ दिए नई पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और घरों में नल कनेक्शन भी नहीं जोड़ा गया।

जिसकी वजह से ग्रामीण आज भी एकमात्र बोरवेल पर निर्भर हैं, जिसका जलस्तर गर्मियों में घटने से संकट और गहराता है और ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूसरे स्त्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है। ठेकेदार नदारद, अधिकारी भी नहीं पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से न तो ठेकेदार दोबारा आया, न ही कोई अधिकारी सुध लेने पहुंचा। सरपंच चंद्रिका सिवारे ने बताया, “हमने कई बार ठेकेदार से संपर्क किया। उसने कहा कि एक बोर से पानी की आपूर्ति संभव नहीं है, दूसरा बोर करवाना होगा लेकिन इसके बाद वह कभी लौटा ही नहीं।”

ठेकेदार केवल दे रहा है आश्वासन
उपसरपंच त्रिभुवन वर्मा ने बताया, “मैं पिछले छह महीने से लगातार ठेकेदार से संपर्क कर रहा हूं, लेकिन वह हर बार यही कहता है—‘आज से काम शुरू होगा’, ‘कल से शुरू होगा’। अब तक सिर्फ आश्वासन मिला है, काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा।”
ठेकेदार की लापरवाही का आलम यह है कि कार्य शुरू करने के पूर्व उसने सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया जिसकी वजह से ग्रामीणों या गांव के जनप्रतिनिधियो को कार्य के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

ग्रामसभा में उठी आवाज, कलेक्टर से हुई मुलाकात
गांव में जल संकट गहराने पर सरपंच और पंचों ने ग्रामसभा में मुद्दा उठाया और फिर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।। कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को फोन कर जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here