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पीडब्लूडी चलने लायक सडक़ बनाये या आंदोलन के लिये रहे तैयार….

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गुण्डरदेही उमरवाही मार्ग का हाल-बेहाल

जोंधरा (दावा)। सात दिनों के भीतर गुंडरदेही उमरवाही मार्ग को राहगीरों के चलने लायक नहीं बनाया गया तो क्षेत्रीय ग्रामीण सहित विद्यार्थियों ने क्रमिक भूख हड़ताल एवं चक्काजाम जैसे आंदोलन करने का निर्णय लिया है। जिसकी जानकारी क्षेत्रीय एसडीएम डोंगरगांव और जिलाधीश को दी जाएगी। विदित हो गुंडरदेही उमरवाही मार्ग में प्रतिदिन राहगीर दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल होते जा रहे हैं, यह तो संयोग है कि अब तक इस मार्ग में किसी राहगीर ने अपनी जान नहीं गँवाई है, जबकि मार्ग की स्थिति ही ऐसी है कि कभी भी कोई भी अनहोनी संभव है।

पूरे मार्ग में बन आए हैं गढ्ड़े
गुंडरदेही उमरवाही मार्ग की कुल दूरी 12 किलोमीटर है, पीडब्ल्यूडी द्वारा किसी भी तरह की इस मार्ग की मरम्मत नहीं किए जाने के कारण पूरे मार्ग में ही बड़े-बड़े गडढे हो चुके हैं, वर्तमान में उन गढ्ड़े में पानी भरा हुआ है जिससे राहगीरों को गडढों की गहराई का पता नहीं चल पाता और वह दुर्घटना के शिकार होते जा रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा
हम जनप्रतिनिधियों का चुनाव इसलिए करते हैं कि वह क्षेत्र की समस्या को ऊपर तक पहुंच कर उसका समाधान दिलायेंगे, पर खुज्जी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग को दुरुस्त करवाने अब तक कोई जान प्रतिनिधि सामने नहीं आया और ना ही सडक़ इस समस्या से किसी जनप्रतिनिधि ने कोई सरोकार ही रखा है। भले ही इस मार्ग में प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में राहगीर गुजरते हैं और उक्त मार्ग कम से कम 40 ग्रामों का पहुंच मार्ग भी है, क्षेत्रीय ग्रामीणों में पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के प्रति भी सहज ही आक्रोश देखा जा रहा है। सडक़ में चलती है बस जो दो जिलों को जोड़ती है-ऐसा नहीं है कि इस मार्ग में क्षेत्रीय राहगीर ही गुजरते हैं अपितु इस मार्ग में चलने वाली बसें राजनांदगांव और बालोद जिलों को जोडऩे का भी कार्य करती है बेस डोंगरगांव से होते हुए गुंडरदेही फिर उमरवाही और वहां से अन्नूटोला होते हुए बालोद जिला के रेंगाडबरी और मंगचुवा तक पहुंचाता है।

जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर
ग्राम उमरवाही की जिला मुख्यालय से कुल दूरी 50 किलोमीटर है। आप अनुमान लगा सकते हैं यदि इस मार्ग से कोई गंभीर मरीज जिसे जिला चिकित्सालय पहुंचना हो तो स्थिति क्या होगी…क्योंकि दो पहिया वाहन में ही 12 किलोमीटर को पार करने में कुल 1 घंटे का वक्त लग रहा है, हर जगह सिर्फ गड्ढे ही नहीं अपितु उखड़ी गिट्टियां बोल्डर मार्ग को दहशतनुमा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है।

ग्रामीणों में आक्रोश : कहा- सिर्फ आंदोलन ही विकल्प
इस मार्ग की सूरत और मूरत बदलने के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण सहित हायर सेकेंडरी उमरवाही और हायर सेकेंडरी की गिदर्री के विद्यार्थियों ने पूरी तरह कमर का कस ली है, विद्यार्थियों को प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरना होता है वहीं विभिन्न विभागों में सेवारत कर्मचारियों को भी इसी मार्ग से होकर ही जाना पड़ता है। विदित हो मार्ग की भयावता इतनी है कि प्रतिदिन मार्ग से आना-जाना करने वाले कई कर्मचारियों के रीड की हड्डी तक में समस्याएं आ गई थी आ गई है। बहरहाल उमरवाही में संपन्न हुई ग्रामीणों और विद्यार्थियों की बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद क्रमिक भूख हड़ताल या चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया है वहीं पीडब्ल्यूडी को 7 दिन की मोहलत गडढों को भरने की दी गई है।

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