० मृतक के परिवार को लेकर कलेक्ट्रेट में धावा बोला, दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग
० कार्रवाई नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी
राजनांदगांव (दावा)। जिले के ग्राम पंचायत सडक़ चिरचारी में दो माह पूर्व सूचना पटल गिर जाने से 5 वर्षीय मासूम की हुई मौत की घटना में दोषी लोगों पर आज तक कार्रवाई नहीं होने व मृतक परिवार को पूरा मुआवजा नहीं मिल पाने से भडक़ीं पूर्व विधायक छन्नी साहू ने सोमवार को जिला कार्यालय में धावा बोला। उनके साथ मृतक युवांश निषाद के परिवार वाले भी मौजूद थे।
श्रीमती साहू ने उक्त हादसे में हुई मासूम की मौत के दोषियों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन पर सवाल उठाया और कहा कि उक्त घटना के दोषी ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व निर्माण एजेंसी पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई है? उन्होंने आरोप लगाया है भाजपा से जुड़े होने के कारण उन्हें बचाया जा रहा है।
श्रीमती साहू का कहना है कि उक्त घटना की जांच महज औपचारिकता बन कर रह गई हैं। जबकि जिला कलेक्टर ने इस घटना के संबंध में जांच कराने व दोषियों पर निलंबन कार्रवाई होने की बात कही गई थी। लेकिन दो माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी न तो जांच हो पाई है और न घटना के दोषियों पर निलंबन कार्रवाई किया जा सका है।
मृतक के परिवार को आधा-अधूरा मुआवजा
पूर्व विधायक श्रीमती छन्नी साहू ने कहा कि हादसे के बाद मृतक परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही गई थी लेकिन अब तक सिर्फ ढाई लाख रुपए देकर इतिश्री कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि क्षेत्र में निषाद समाज के लोगों की संख्या कम है इसलिए उनको न्याय नहीं मिल पा रहा है। जबकि उक्त घटना को लेकर मृतक परिवार के लोगों द्वारा सभी जनों को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
श्रीमती साहू ने बगैर नींव के बने उक्त सूचना पटल गिरने को पंचायत के लोगों की घोर लापरवाही बताया और कहा कि कलेक्टर द्वारा इस घटना की जांच के लिए जांच कमेटी बनाई गई थी। रिपोर्ट भी सौंपा गया लेकिन दोषियों पर क्यों कार्रवाई नहीं हो पाई यह संदेहजनक है। उन्होंने कहा कि पवित्र सदन में जहां जनता के हित में काम होना चाहिए, लेकिन पंचायत मंत्री द्वारा पवित्र सदन में झूठा लेटर दे रहे हैं। बीजेपी नेताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त घटना के दोषी ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव अभी भी कार्यरत हैं।
श्रीमती छन्नी साहू ने कहा है कि उक्त घटना के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर वे मृतक परिवार व समाज के लोगों को साथ लेकर जन आंदोलन करने सडक़ पर उतरने से नही चुकेगी।



