मामला बिगड़ते देख हास्पीटल के डाक्टर हुए फरार
राजनांदगांव (दावा)। शहर के जी.ई. रोड स्थित कृष्णा हास्पीटल में डाक्टरो के सामने उस समय विकट स्थिति उत्पन्न हो गई जब वहां भर्ती रही प्रसविता शिक्षिका की मौत हो जाने से गुस्साए परिजनों ने स्ट्रेचर पर शव रखकर प्रदर्शन किया और हंगामा करते हुए हास्पीटल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। शुक्रवार 5 सितंबर को दोपहर डेढ़-दो बजे के करीब हास्पीटल के सामने हुई इस घटना के चलते नेशनल हाईवे में लंबा जाम लग गया। इससे लोग देर तक परेशान होते रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारी लोगों व पुलिस के बीच झुमाझटकी देखी गई।
नेशनल हाइवे में लगा वाहनों का लंबा जाम
बता दें कि डोंगरगढ़ क्षेत्र की मेरे गांव निवासी एक निजी स्कूल की गर्भवती शिक्षिका को प्रसव हेतु 30 अगस्त को पाताल भैरवी के समीप कृष्णा हास्पीटल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने गर्भवती शिक्षिका का आपरेशन के माध्यम से प्रसव तो करा दिया इससे शिशु तो सही-सलामत जन्मा लेकिन प्रसविता शिक्षिका की स्थिति बिगडऩे लगी। हास्पीटल के डाक्टरों ने आनन- फानन में उसे शंकराचार्य के लिए रिफर किया। बिगड़ी हालत में उक्त महिला को एंबुलेंस में ले जा रहे थे पर सोमनी के समीप पहुंचते ही उसे जोर-जोर से हिचकी आने लगी।
सांस ऊपर चढऩे लगा। महिला की हालत गंभीर होते देख एंबुलेंस मोड़ कर उसे फिर शहर लाते हुए उसे आनन-फानन में चिखली स्थित संजीवनी हास्पीटल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों के उपचार के बाद उक्त महिला की मौत हो गई। बौखलाए हुए परिजनों ने इसे कृष्णा हास्पीटल के डाक्टरों की लापरवाही बताते हुए शव को स्ट्रेचर में लाकर कृष्णा हास्पीटल के सामने रख प्रदर्शन किया। इससे नेशनल हाईवे में दोनों ओर से आवाजाही ठप हो गई और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतिका के परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन हास्पीटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डटे रहे। कोतवाली थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह के काफी प्रयासों के बाद लोग ले-देकर मानें और चक्काजाम ख़त्म किया गया।
मामला बिगड़ते देख हास्पीटल के डॉक्टर हुए फरार
बताया दें कि डोंगरगढ़ क्षेत्र के मेरेगाव की रहने वाली 21 साल की सरोज पटेल को बीते शनिवार को डिलवरी के लिए पुलिस प्रशिक्षण केंद्र विद्यालय के पास स्थित कृष्णा अस्पताल में परिजनों ने भर्ती कराया था। अस्पताल में भर्ती होने के एक दिन बाद महिला की सेहत बिगडने लगी आनन-फानन में कृष्णा अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला को चिखली स्थित संजीवनी अस्पताल लाया गया। वहां 5 दिन तक उपचारार्थ भर्ती महिला की सेहत में कोई सुधार नहीं आया और उसकी मौत हो गई।इस बीच महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि मृतिका को रिफर करने के बाद कृष्णा अस्पताल प्रबंधन ने कोई सुध नहीं ली। जिसके चलते महिला की मौत हो गई। मृतिका एक निजी स्कूल की शिक्षिका थी।
बताया गया कि मृतिका का गाव के ही ओंकार पटेल के साथ वर्ष 2025 में विवाह हुआ था। अस्पताल में हंगामा के बाद पुलिस ने स्थिति को सम्हालने की कोशिश की। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक अस्पताल के चिकित्सक और प्रबंधक फरार हो गए। कोतवाली थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस हास्पीटल के डाक्टरों के सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।



