धोखाधड़ी कम करने के लिए बदली जा रही नंबर प्लेट
गंडई पंडरिया (दावा)। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भारत सरकार द्वारा अनिवार्य की गई एक सुरक्षित एल्यूमीनियम प्लेट है जिसमें एक होलोग्राम, लेजऱ-इंग्रेव्ड पिन और एक रंग-कोडित स्टिकर होता है जो वाहन के विवरण को दर्शाता है, जिससे जालसाजी रोकी जा सके और चोरी हुए वाहनों की पहचान की जा सके। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर सख्त हो गया है।
परिवहन विभाग ने सभी जिले को निर्देश जारी किया है कि 1 अप्रैल 2019 के पहले रजिस्टर्ड वाहनों में भी नंबर प्लेट लगवाएं। इसके लिए सरकार ने जिलों के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। लोग 485 रुपए शुल्क पटाकर घर बैठे नंबर प्लेट लगवा सकेंगे। वैसे ही एक स्थानीय बाइक चालक अपने गाड़ी पर नंबर प्लेट मंगवाकर लगवा रहे थे।
गंडई के कंप्यूटर सेंटर ऑपरेटर ने बताया कि लोगों ने अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। वह यह सुविधा निर्धारित शुल्क अदा करके घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। यह नंबर प्लेट एक अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर लगाना है। इसके लिए मार्च 2025 तक का टारगेट रखा गया है। इसके लिए विभाग द्वारा अधिकृत ऑटोमोबाइल डीलरों को कंपनी द्वारा भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी कम करने के लिए नंबर प्लेट बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके तहत पुरानी नंबर प्लेट को हटाकर उनकी जगह हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाई जाएगी। सरकार ने सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोड स्टीकर लगाना आवश्यक कर दिया है।
इसलिए जरूरी मोबाइल नंबर
ये मुहिम इसलिए चलाई जा रही है क्योंकि बड़े पैमाने पर व्हीकल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड में दर्ज नंबर में भिन्नता पाई जा रही थी। ऐसी स्थिति में किसी भी गाड़ी को किसी भी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर आसानी से करवाया जा सकता था। कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें असल गाड़ी मालिक ने बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र के जबरन दूसरे पक्ष पर गाड़ी अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेने के आरोप भी लगाए। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद अब जब तक आवेदक वन टाइम पासवर्ड नहीं बताएगा तब तक किसी भी प्रकार के आवेदन पर कार्रवाई पूरी नहीं मानी जाएगी।



