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आयुष्मान में धोखाधड़ी करने वाले 33 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, स्वास्थ्य मंत्री बोले– गड़बड़ी करने वाले ‘ठीक’ होंगे….

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रायपुर छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों से इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसों की वसूली करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने एक साक्षात्कार में साफ तौर पर चेतावनी दी है कि मरीजों से छल-प्रपंच करने वाले अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने कार्रवाई करते हुए 26 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया है और 33 अस्पतालों का आयुष्मान पंजीकरण निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “मरीज सीधे मुझसे शिकायत करें, मैं ऐसे अस्पतालों को ठीक कर दूंगा।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ आयुष्मान योजना के तहत खर्च और इलाज मुहैया कराने में देश में शीर्ष पायदान पर बना हुआ है।

मातृ मृत्यु दर में सुधार, केंद्र से मिला ₹400 करोड़ का इनाम

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बात करते हुए मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर (MMR) में बड़ा सुधार हुआ है। राज्य पहले देश में 146वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 122वें पायदान पर आ गया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 400 करोड़ रुपये का इनसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) दिया है, जिसका उपयोग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में इसी हफ्ते नियुक्त होंगे 495 बांड डॉक्टर

प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने बड़े फैसलों की जानकारी दी:

इसी सप्ताह 495 बांड डॉक्टरों की सरकारी अस्पतालों में नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी।

मेडिकल कॉलेजों को जल्द ही 150 जूनियर-सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलेंगे।

बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए 100 मेडिकल ऑफिसर और 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों की स्वीकृति वित्त विभाग से मिल चुकी है।

मेडिकल पीजी (PG) सीटों की संख्या 200 से बढ़ाकर 360 कर दी गई है और केंद्र से 260 अतिरिक्त सीटें मांगी गई हैं, जिससे कुल सीटें 600 हो जाएंगी।

अपनी विफलता भी स्वीकारी: स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि लगातार प्रयासों के बावजूद राज्य के शत-प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर (विशेषकर न्यूरो और नेफ्रो विभाग) तैनात न कर पाना उनकी अब तक की सबसे बड़ी विफलता रही है।

बदला मेकाहारा का चेहरा, 1 साल में पूरी तरह बदलेगी तस्वीर

रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (मेकाहारा) के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है। मंत्री के अनुसार, पहले यहाँ ओपीडी 1200 थी, जो अब बढ़कर 3000 प्रतिदिन हो गई है। अस्पताल में बेड की कमी को दूर करने के लिए 700 बेड का टेंडर हो चुका है और पीडब्ल्यूडी को 50 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। मंत्री ने दावा किया कि अगले एक साल में मेकाहारा की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। इसके अलावा, राज्य के 20 जिला अस्पतालों में जल्द ही सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है।

अमानक दवाओं पर सख्त ऐक्शन, 10 गुना बढ़ी जांच

दवाइयों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में 10 गुना अधिक दवाओं की जांच करवाई है। हर लॉट की जांच की जा रही है और गड़बड़ी मिलने पर कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। राजनांदगांव में मिली अमानक प्रेगनेंसी किट को भी जांच के लिए भेजा गया है।

व्यक्तिगत आरोपों पर दो टूक: ‘विधायक बनने से पहले खरीदी थी 19 एकड़ जमीन’

सोशल मीडिया पर लग रहे ढाई एकड़ जमीन खरीदने के आरोपों को खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “वह ढाई एकड़ नहीं, बल्कि 19 एकड़ जमीन है, जिसे मैंने पहली बार विधायक बनने से पहले ही खरीद लिया था।” उन्होंने इन आरोपों को प्रायोजित और सुर्खियों में बने रहने का जरिया बताते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य महकमे को देश में नंबर वन बनाने पर केंद्रित है।

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