तीन बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापे से व्यवसासियों में हडक़ंप
राजनांदगांव (दावा)। शहर के नंदई कुंआ चौक स्थित एक सोने-चांदी के व्यवसायी के यहां छापा पड़े कुछ ही दिन नहीं हुआ है और यहां के तीन व्यवसायियों के यहां ई ओ डब्ल्यू का एक साथ छापा पड़ गया। इस रेड कार्रवाई से शहर के व्यवसायियों में हडक़ंप मची हुई है। बता दें कि लगातार शहर के व्यवसायियों के यहां पड़ रहे छापे लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर इन व्यवसायियो के यहां इतना धन आ कहा से रहे हैं। जरुर कोई न कोई आर्थिक अपराध किया जा रहा है तभी तो ईडी,आयकर अधिकारी , ईओडब्ल्यू वालों की लगातार दबिश हो रही है।
बहरहाल बुधवार 29 अक्टूबर को 10 अलग-अलग वाहनों में पहुंचे लगभग 30 से अधिक की संख्या में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों ने सुबह शहर में एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया। राजधानी रायपुर से पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम ने एक साथ शहर के तीन प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी, जिससे पूरे शहर में सनसनी फ़ैल गई है।
ताबड़तोड़ छापेमारी से
सहमे व्यवसायी
बताते चलें कि ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार तडक़े सुबह भारत माता चौक स्थित राधाकृष्ण एजेंसी के निवास पर छापामारी की कार्रवाई की वहीं दूसरी छापेमारी लखोली नाका चौक पर स्थित सत्यम विहार में यश नाहटा के घर पर की। इसी तरह ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा कामठी लाइन स्थित किराया भंडार के निवास पर भी रेड कार्रवाई की। बताया जाता है कि शहर के इन तीनों व्यवसायियों के यहां उक्त रेड कार्रवाई किसी बड़े आर्थिक घोटाले या अवैध लेन-देन से जुड़ी शिकायतों के बाद की गई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार टीम इन कारोबारियों के ठिकानों पर महत्वपूर्ण दस्तावेज, नगदी, आभूषण और डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है।
डीएमएफ घोटाले से
जुड़े होने की आशंका
बुधवार कि सुबह बड़ी संख्या में पहुंचे ईओडब्ल्यू के अधिकारियों द्वारा हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में हाल ही में उजागर हुए डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) घोटाले की जांच का हिस्सा हो सकता है। बताया जा रहा है कि श्री राधाकृष्ण एजेंसी, यश नाहटा और किराया भंडार जैसे शहर के बड़े कारोबारी ठेकेदारी और सप्लाई के कार्यों से जुड़े हैं और उनके द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से धन अर्जित किया गया है।
जैसे ही शहर में ईओडब्ल्यू की दबिश की खबर फैली, व्यापारियों और आमजन के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस बल की मौजूदगी में चल रही यह कार्रवाई घंटों जारी रही। देखना होगा कि इस बड़ी छापेमारी में ईओडब्ल्यू के हाथ क्या-क्या अहम सुराग और संपत्ति लगती है। फिलहाल लोगों द्वारा ईओडब्ल्यू के हाथ दस्तावेजों सहित बड़ी मात्रा में संपत्ति लगने के कयास लगाए जा रहे हैं।


