
➡️ सरकार से दर वापसी की मांग
राजमहगात । छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई भारी वृद्धि और स्मार्ट मीटर के लागू होने से आम जनता पर बढ़े बोझ के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने 4 नवम्बर 2025 को जिला मुख्यालय राजमहगात में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर/तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से बिजली दरों में वृद्धि को तुरंत वापस लेने और आम जनता को राहत देने की मांग की।
पार्टी प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर और सरप्लस राज्य होने के बावजूद यहाँ के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली दी जा रही है। जुलाई 2025 से बढ़ाई गई दरों और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि बिजली वितरण कंपनियों को घाटे का हवाला देकर दरें बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है। यदि कंपनियों के खर्चों में कटौती की जाती। तो जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ता। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश में चार अलग-अलग विद्युत कंपनियों की जगह यदि एक ही कंपनी होती। तो प्रशासनिक खर्चों और अधिकारियों के वेतन में कमी आती। जिससे जनता को सस्ती बिजली मिल सकती थी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली बिलों में हर माह ऊर्जा प्रभार के साथ अनेक गैरज़रूरी चार्ज जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत कंपनियां जनता की जेब काटने का काम कर रही हैं और सरकार इस पर मौन है।
इससे पहले भी 3 जुलाई 2025 को आम आदमी पार्टी ने इसी मुद्दे पर सरकार को ज्ञापन सौंपा था और धरना-प्रदर्शन किया था लेकिन सरकार ने मांगों पर कोई कदम नहीं उठाया। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस नहीं लेती तो आने वाले समय में आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता को राहत मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है और पार्टी आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के लोकसभा अध्यक्ष भूपेश तिवारी, जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी, प्रदेश सचिव श्रीमती चंद्रमणि वर्मा, आरिफ खान, प्रधानक खोबरागड़े, पवन पटवा, विक्की वैद्य, रोहित शशि राज मेहरा, किशन यादव, भूपेन्द्र साहू, राहुल यादव, सूरज डोंगरे, गट्टू सोनी, अक्षय बेहरा, अमन मेश्राम सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक स्वर में सरकार से बिजली दर वृद्धि वापस लेने और छत्तीसगढ़ की जनता को सस्ती बिजली देने की मांग की। इस दौरान ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, एमडी छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, एवं छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को भी प्रेषित की गई।


