बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ डिब्बों में यात्रियों के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है।
रेस्क्यू अभियान जारी, रेलवे और स्थानीय प्रशासन मौके पर तैनात
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू टीम, मेडिकल यूनिट और राहत दल को घटनास्थल पर रवाना किया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें भी राहत-बचाव कार्य में लगी हुई हैं। भारी संख्या में स्थानीय लोग भी मदद के लिए वहां पहुंच गए हैं, जिससे घटनास्थल पर बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई। घायलों को स्ट्रेचर और एंबुलेंस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
ट्रेन संचालन ठप, कई रूट डायवर्ट
हादसे के कारण बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग, जो देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में गिना जाता है, पूरी तरह बाधित हो गया है। पूरे रूट पर ट्रेन संचालन रोक दिया गया है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जा रहा है। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रेलवे की ओर से बसों और अन्य साधनों की व्यवस्था की जा रही है।
दुर्घटना का कारण अब तक स्पष्ट नहीं
फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे की जांच टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना कर रही है और तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।