० राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में 8 को होगी अहम बैठक, एकता बनाए रखने लिए जाएंगे महत्वपूर्ण निर्णय
० समाज संगठन की एकता और ट्रस्ट सत्ता बचाने कर रहा है संघर्ष, प्रशासन व राजनीतिक दल मौन
० मंदिर ट्रस्ट परिसर में एम डी ठाकुर और साथियों द्वारा दिए गए बयान की तहसील गोंड समाज ने की घोर निंदा
० मामला – नवरात्रि पर्व के दौरान आदिवासी समाज द्वारा पंचमी भेट की पूजा अर्चना, व अन्य मांगों को लेकर चल रहे विवाद का।
विलास जांभुलकर
डोंगरगढ़(दावा)। धर्म नगरी को सामाजिक अराजकता की ओर ले जाने वाले तत्वों ने आदिवासी समाज को तोडऩे का प्रयास तेज कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर आदिवासी समाज द्वारा किए जा रहे संघर्ष से स्वयं व अपने समर्थकों को अलग करने की घोषणा की है। धमधागढ़ के पूर्व अध्यक्ष व जनजातीय गौरव समाज के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करने वाले एम.डी. ठाकुर के नेतृत्व में गत दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस ली गई। इन नेताओं ने आदिवासी समाज द्वारा की जाने वाली पंचमी भेट की पूजा अर्चना की परंपरा को अस्वीकार करते हुए आदिवासी समाज द्वारा अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यताओं को बचाने के लिए किए जा रहे संघर्ष से अपने आप को अलग कर लिया है।

इसके पूर्व सर्व समाज की बैठक आयोजित कर आदिवासी समाज व हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले अन्य अनेक समाजों की उपेक्षा कर आदिवासी समाज को अलग-थलग करने का प्रयास किया गया था। वह सफल नहीं होने पर पुन: भाजपा के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने वाले भाजपा नेता एमडी ठाकुर व अन्य भाजपा समर्पित लोगों के माध्यम से आदिवासी समाज को तोडऩे का प्रयास किया गया। किंतु आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष व पदाधिकारीयों तथा सक्रिय भूमिका निभाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एमडी ठाकुर व साथियों द्वारा समाज विरोधी दिए गए वक्तव्य की घोर निंदा कर अभियान की हवा निकाल दी। बुधवार को राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में ली गई बैठक में ताजा घटनाक्रम की गहन समीक्षा की गई तथा इसी मुद्दे पर आगामी 8 नवंबर को डोंगरगढ़ में राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में समाज की महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना बताई गई है।

० ट्रस्ट के दलाल के रूप में कार्य कर रहे हैं एम.डी. ठाकुर – रमेश उईके, ओडारबांध महासभा संचालक प्रेस को दिए गए बयान में ओडारबांध महासभा के संचालक रमेश उईके ने कहा है कि, पंचमी पूजा के बाद पूरा गोंड समाज एकजुट है। गत दिनों मंदिर परिसर में ली गई प्रेस वार्ता में एम डी ठाकुर द्वारा यह कहना कि यहां के आदिवासी लोग मंदिर में अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं, निंदनीय है। एमडी ठाकुर एक माह पूर्व समाज के प्रमुख चुनाव में पराजित हो चुके हैं। और प्रेस वार्ता में उनके साथ उपस्थित सभी लोग समाज के किसी भी बैठक अथवा कार्यक्रम में शामिल नहीं होते। प्रशासन के साथ समाज व ट्रस्ट की निरंतर वार्ता चल रही है।
० एम.डी. ठाकुर के पास छत्तीसगढ़ गोंड महासभा, जिला व तहसील स्तर का कोई भी पद नहीं है – गोंड समाज गोंड समाज द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया कि, 03 नवंबर 2025 को एमडी ठाकुर, नीलकंठ गढ़े, आत्माराम चंद्रवंशी द्वारा डोंगरगढ़ में आकर समाज द्वारा किए गए पंचमी भेंट और समाज के गतिविधियों को गलत करार देते हुए प्रेस कांफ्रेंस कर समाज विरुद्ध बात कहते हुए समाज को तोडऩे की बात कही गई। वर्तमान में एमडी ठाकुर छत्तीसगढ़ गोंड महासभा, जिला व तहसील समाज के कोई भी पद में आसीन नहीं है और ना ही डोंगरगढ़ पंचमी भेंट और सामाजिक कार्यक्रम में आज तक किसी भी प्रकार से कोई सहयोग नहीं रहा है। एमडी ठाकुर गोंड समाज का होने बावजूद भी समाज के विरुद्ध गलत तरीके से अपना बयानबाजी कर रहा है जो समझ से परे लगता है। समाज को जोडऩे के बजाय तोडऩे में लगे हुए हैं। कहीं ना कहीं अभी वर्तमान में केंद्रीय धमधागढ़ महासभा की चुनाव हुआ जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के गोंड़ समाज ने इनको नकारते हुए अपना नए अध्यक्ष चुने हैं। उक्त चुनाव में एम डी ठाकुर को करारा हार का सामना करना पड़ा है। इसलिए इनके द्वारा समाज को बरगलाने और गोंड़ समाज मे फुट डालने का प्रयास किया जा रहा है। इनके द्वारा दिए गए बयान समाज विरोधी हैं। इनके बयान पर ओडारबांध महासभा के अध्यक्ष मदन नेताम, संचालक रमेश उइके, लादूराम तुमरेकी, राजेश्वर ध्रुव, मदन खुरश्याम, मयाराम मंडलोई, नरोत्तम सिंह कुंजाम, महेंद्र नेताम ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर एमडी ठाकुर के इस बयान की निंदा की है।
० समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन पर जल्द निर्णय लेने का प्रशासन द्वारा दिया गया
आश्वासन गोंड समाज की ओर से प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि, डोंगरगढ़ नवरात्र पर्व में आदिवासी गोंडवाना समाज के द्वारा डोंगरगढ़ दाई बमलाई में पंचमी भेंट सेवा जात्रा संपन्न किया गया। पंचमी भेंट को लेकर ट्रस्ट और समाज के बीच कुछ विषयों को लेकर विवादस्पद स्थिति बनी हुई है। समाज द्वारा उपरोक्त विषयों के निराकरण के लिए ज्ञापन देने के बाद प्रशासन द्वारा जल्द निराकरण करने हेतु समाज को आश्वस्त किए है। जल्द ही ट्रस्ट और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने की कार्यवाही की जाएगी। इस बीच निरंतर समाज और अधिकारियों के साथ बैठक का दौर चल रहा है पर अभी तक समाज व ट्रस्ट समिति के साथ ऐसा कोई बैठक एवं वार्तालाप नहीं हुआ।
० समाज के लिए आग़ा देव भगवान तुल्य, उन्हें रोकना धार्मिक भावना का अपमान –
श्रीमती सुशीला नेताम राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रभाग गोंडवाना गोंड महासभा नई दिल्ली
महिला प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सुशील नेताम ने आदिवासी समाज को तोडऩे का कार्य कर रहे एम डी ठाकुर व अन्य लोगों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि मुझे आश्चर्य होता है कि सामाजिक लोग समाज को तोडऩे का कार्य कैसे कर सकते हैं। यदि उन्हें संपूर्ण जानकारी नहीं है तो वे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं से जानकारी ले लेते। संगठन के लिए कार्य करने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श कर लेते। आग़ा देव को लेकर श्रीमती नेताम ने कहा कि आग़ा देव को कोई नहीं रोक सकता। हमारे पूर्वजों के अनुसार पंचमी भेंट आदिकाल से होते चले आ रहा है। पूर्व में यहां वृहद रूप में नहीं होता था। लेकिन धीरे-धीरे जन जागरूकता एवं बढ़ती हुई जनसंख्या ने इस कार्यक्रम को बृहद रूप दे दिया। आग़ा देव मूल निवासियों के लिए अपने आप में भगवान तुल्य है। यह माता और भक्त के मिलन का पर्व होता है। हमारी ओर से ट्रस्ट से निवेदन किया गया था कि हमें अपनी पूजा पद्धति के हिसाब से पूजा करने दिया जाए, जैसे अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना सामाजिक गणों द्वारा की जाति आ रही है।



