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समाज के खिलाफ जाति सूचक टिप्पणी से उबला सतनामी समाज, विरोध में मोर्चा खोलकर एसपी आफिस में बोला धावा…

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गिरफ्तारी की मांग की लेकर देर तक अड़ा रहा समाज,

गिरफ्तार होने की सूचना के बाद ही हटे

राजनांदगांव (दावा)। तखतपुर के कथित कथावाचक द्वारा सतनामी समाज के खिलाफ अपमान जनक टिप्पणी किए जाने से प्रदेश भर के पूरा सतनामी समाज उबल पड़ा है। जिला सतनामी समाज के द्वारा उक्त कथावाचक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शनिवार को एसपी आफिस में धावा बोल दिया गया। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने उक्त कथावाचक के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।

इस घटना से पुलिस वाले भी सकते में आ गए। इधर उक्त कथावाचक की गिरफ्तारी नहीं होने तक एसपी आफिस सामने में बैठे रहने की जिद के आगे पुलिस भी असहाय नजर आ रही थी। इस दौरान सतनामी समाज के नर-नारियों का ग़ुस्सा देखते ही बनता था। एसपी आफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए देर तक बैठे रहे सतनामी समाज के लोगों को जब पुलिस द्वारा उक्त कथावाचक के गिरफ्तार होने की सूचना मिली तब कहीं जाकर अपना धरना समाप्त किया।

जाति सूचक टिप्पणी से उबला सतनामी समाज
जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष युवराज ढीरहेर ने बताया सतनामी समाज के खिलाफ तखतपुर जिला बिलासपुर में भागवत कथा वाचक पंडित आशुतोष चैतन्य के द्वारा जाति सूचक टिप्पणी किया गया है जिसमें पूरे सतनामी समाज में आक्रोश का माहौल है। श्री ढीरहेर ने बताया कि उक्त कथावाचक ने सतनामी समाज के लोगो को गाय काटने वाले व अभद्र तथा मुर्ख लोग कहा है और पूरे समाज को अभद्र बताते हुए समाज विरोधी कलंकित कार्य किया गया है। ढीरहोर ने बताया कि कहा उक्त कथावाचक द्वारा कहा गया कि सतनामी लोग हर गली मुहल्ले में सभी समाज के लोगों की नाक के नीचे गाय काटकर खा रहे है और काट कर बेच भी रहे हैं कहा गया कि जो कि सत्य से परे है। मनखे- मनखे एक समान मानने वाले तथा हिंसा से दूर रहने वाले सतनामी समाज के खिलाफ उक्त टिप्पणी न केवल अशोभनीय है समाज में विद्वेष पैदा करने वाला है।

भागवत मंच से समाज को भडक़ाने का कार्य
समाज द्वारा कहा गया कि उक्त कथावाचक ने इस तरह भागवत मंच के द्वारा समाज के बीच में यह समाज को भडक़ाने और उकसाने का कार्य किया है। जिससे समाज में भारी आक्रोश बना हुआ है। इससे समाज में अंशाति फ़ैल सकती है और दंगा भी हो सकता है। पंडित आशुतोष चैतन्य ने धर्म के नाम समाज के लोगों को आपस में लड़ाने कार्य किया जो बर्दाश्त के काबिल नहीं है। ऐसे समाज विरोधी, पंथ विरोधी तत्व को एक मिनटभी खुला घूमना उचित नहीं है। समाज के लोगों ने उक्त तत्व के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की और गिरफ्तार नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की बात कही गई थी। बहरहाल पुलिस द्वारा समाज की मांग पर उक्त कथित कथावाचक को गिरफतार कर लिया गया है इससे समाज में शांति का माहौल है।

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