० पदाधिकारियों को बर्खास्त किए जाने से आक्रोशित हैं कर्मचारी
राजनांदगांव (दावा)। सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ द्वारा शासन से अपनी मांगों के संदर्भ में बात बनती न देख संभागायुक्त को सामूहिक रुप से इस्तीफा दे दिया है।
बता दें कि विगत कई दिनों से अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व हड़ताल में बैठे सहकारी समिति कर्मचारियों की शासन द्वारा उनकी बातें नहीं सुनी जा रही थी और न उनकी मांगे मानी जा रही है। जबकि बताया जाता है कि शासन द्वारा उनकी मांगे मानने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन शासन द्वारा वादाखिलाफी करने पर उन्हें पुन: अपनी मांगों को लेकर सडक़ पर आनी पड़ी और अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा। इस पर शासन द्वारा उनके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने व समिति प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करने से समिति कर्मचारी आक्रोश में आ गए हैं और उन्होंने 17 नवंबर को अपने-अपने संभाग के संभागायुक्तों को सामूहिक रुप से इस्तीफा सौंप दिया है।
संयुक्त रुप से दोनों समितियों की रखी गई थी बैठक
बता दें कि इस संबंध में छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ संघ द्वारा समर्थन मूल्य कम्प्यूटर आपरेटर महासंघ के दोनों संगठन का संयुक्त रुप से बैठक रखा गया। जिसमें चर्चा किया गया कि 14 नवंबर को सरकार के केबिनेट की बैठक थी जिसमें सहकारी समिति कर्मचारियों की मांगों पर केबिनेट में निर्णय होने की आशा थी लेकिन इसमें सहकारी समिति कर्मचारियों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। बल्कि प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दमनकारी कार्यवाही सरकार के द्वारा किया गया। इस कार्रवाई से प्रदेश के कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया है। आक्रोशित कर्मचारी अपने पदाधिकारियों को बर्दाश्त किए जाने के विरोध में 17 नवंबर सोमवार को संभागायुक्त को सामूहिक रुप से इस्तीफा सौंप दी है।



