विभाग व्दारा जानकारी के बावजूद बांटा जा रहा है कीट युक्त खाद्य पदार्थ
डोंगरगांव(दावा)। मुख्यमंत्री सुपोषण आहार योजना अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों के कुपोषित बच्चों को कीड़े युक्त पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है. एकीकृत बाल परियोजना व्दारा आंगनबाड़ी केन्द्रों व्दारा वितरित किये जाने वाले इन खाद्य पदार्थों में चांवल, दाल, आटा, व सब्जी जिसमें सूखे सामग्री के रूप में सोयाबीन बड़ी व चना शामिल है. इनमें से चांवल व आंटा में भारी मात्रा में कीड़े लगे हुए हैं. जिसके चलते पालकों ने इसका उपयोग करने के बजाय इसकी शिकायत मिडिया के माध्यम से संबंधित विभाग को की है. मामला नगर के वार्ड क्र.12 सहित अन्य वार्डों का है. इस संदर्भ हितग्राही परिवार के सदस्यों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका व्दारा गुरूवार को घर पर आकर चांवल, आटा, बड़ी एवं दाल या चना बच्चों के लिए पहुंचाया था. वितरण के दौरान संबंधित कार्यकर्ता व सहायिका व्दारा बकायदा बताया गया कि चांवल व आंटे में कीड़े हैं जिसे उपयोग करने के पूर्व साफ कर लेना.
इस संदर्भ में हितग्राही अपनी बात रख पाते वितरण करने वाले रवाना हो गए. पालकों ने बताया कि इसकी शिकायत करना चाह रहे थे परन्तु लॉक डाऊन व कफ्र्यू के चलते घर से निकालना मुश्किल है. इसी बीच मिडियाकर्मियों को इसकी सूचना मिली और तब जाकर मामले का खुलासा हुआ. वहीं कुछ हितग्राही वितरित किये गए सामग्री की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाते दिखे. इसके साथ ही कुछ हितग्राहियों को चना और कुछ को दाल का वितरण किया गया है जबकि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुपोषित बच्चों को चालीस ग्राम चांवल, बीस ग्राम दाल, पचीस ग्राम आटा व स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सब्जी का वितरण किया जाना है. शासन के निर्देशों के अनुसार 21 दिनों के लिए उक्त पोषण आहार को हितग्राहियों के घर जाकर देना है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार : सुपोषण आहार वितरण में मिली गड़बड़ी को लेकर परियोजना के खंड प्रभारी डॉक्टर विरेन्द्र साहू ने बताया कि मिडिया कर्मियों से सूचना के बाद वे स्वयं संबंधित वार्ड में डोर-टू-डोर गए थे. कुछ घरों में वितरित किये गए चांवल में कीड़े पाये गए हैं. इस विषय में संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को उक्त खाद्य पदार्थ को हितग्राहियों से वापस लेकर साफ-सफाई कर पुन: वितरण किये जाने के निर्देश दिए हैं.



