प्रश्न 1: आप इस परियोजना का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उत्तर:
हम इस परियोजना का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह विकास नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व का विनाश है। इससे हजारों एकड़ त्रिफसली उपजाऊ कृषि भूमि नष्ट होगी, जलस्रोत सूख जाएंगे और प्रदूषण से गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा होगा। यह परियोजना लाखों ग्रामीणों की आजीविका और मानव अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रश्न 2: क्या यह क्षेत्र के लिए रोजगार और विकास नहीं लाएगी?
उत्तर:
यह दावा पूरी तरह भ्रामक है। खनन और सीमेंट फैक्ट्री से स्थायी रोजगार नहीं मिलता, जबकि खेती, पशुपालन और वनोपज से पीढ़ियों का जीवन चलता है। कुछ सौ अस्थायी नौकरियों के बदले लाखों लोगों की स्थायी आजीविका छीनना विकास नहीं, अपराध है।
प्रश्न 3: जनसुनवाई तो स्थगित हो गई है, फिर आंदोलन क्यों?
उत्तर:
जनसुनवाई का स्थगन अंतिम समाधान नहीं है। यह केवल किसान के दबाव की जीत है। हमारी मांग साफ है—
स्थगन नहीं, पूरी परियोजना का स्थायी निरस्तीकरण।



