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सीतागांव में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर खूनी हमला, पथराव के बाद जान बचाकर भागे अधिकारी…

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बुलडोजर चलता देख उग्र हुए ग्रामीण, डीएफओ की सूझबूझ और संवाद से सुलझा घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

अंबागढ़ चौकी (दावा)। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र सीतागांव में रविवार को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। जैसे ही विभाग ने अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाना शुरू किया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण संगठित होकर टूट पड़े और पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में अधिकारियों और पुलिस जवानों को मौके से भागकर थाने में शरण लेनी पड़ी। हालांकि बाद में डीएफओ की मध्यस्थता और ग्रामीणों के साथ हुए समझौते के बाद कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकी।

तीन नोटिस के बाद भी नहीं हटा कब्जा
जानकारी के अनुसार भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 (अ) के तहत वन भूमि पर निर्मित 13 मकानों को अवैध चिह्नित किया गया था। वन विभाग ने संबंधित परिवारों को तीन बार वैधानिक नोटिस जारी किए थे, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। रविवार सुबह जब राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर पहुंची और शुरुआती 2 मकानों को ढहाया, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई।

थाने तक पीछा, पुलिस बल को लेनी पड़ी शरण
प्रशासनिक सख्ती देख आक्रोशित ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से टीम पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जेसीबी मशीन को भी निशाना बनाया गया। भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए अधिकारी और जवान कार्रवाई बीच में छोड़ सीतागांव थाने की ओर भागे।

डीएफओ की संवाद नीति आई काम
घटना की सूचना मिलते ही डीएफओ दिनेश पटेल, एसडीओपी प्रशांत पैकरा और तहसीलदार भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएफओ ने बल प्रयोग के बजाय जनप्रतिनिधियों के साथ आपातकालीन बैठक की। घंटों चली मैराथन चर्चा के बाद मानवीय आधार पर एक समझौता हुआ। जिसमें कहा गया कि मकानों की छतों को फिलहाल नहीं छेड़ा जाएगा। घरों के अन्य अवैध हिस्से और बाउंड्री वॉल को तत्काल ध्वस्त किया गया। शेष अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से समय मांगा है और लिखित में खुद कब्जा हटाने का वादा किया है।

गांव में पुलिस छावनी, हमलावरों पर कार्रवाई की तैयारी
फिलहाल सीतागांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने वाले उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

हमने ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद किया है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए फिलहाल छतों को राहत दी गई है, लेकिन बाउंड्री और अन्य हिस्से हटा दिए गए हैं। यदि नियत समय में शेष अतिक्रमण नहीं हटा तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
– दिनेश पटेल, डीएफओ

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