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पूजा-पाठ के बहाने नाबालिक के साथ बलात्कार करने वाले को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा…

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राजनांदगांव(दावा)। नाबालिक के साथ बलात्कार करने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) राजनांदगाँव पीठासीन न्यायाधीश ओमप्रकाश साहू द्वारा चौंकी चिखली, थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत निवासी अभियुक्त चन्द्रकुमार गजभिये पिता स्व. हरीचन्द्र गजभिये, उम्र 52 वर्ष को दोषी पाये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 506 भाग-2 के तहत् 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये का अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्क्ट की धारा 6 के तहत् 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दस हजार रूपये का अर्थदंड, अर्थदंड की राशि अदा न किये जाने स्थिति में दो माह का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किये जाने का दण्डादेश पारित किया गया। प्रकरण की सह-आरोपिया ममता चौहान के विरूद्ध अपराध साबित नहीं पाये जाने पर दोषमुक्त किया गया है।

मामले में छ.ग. शासन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) राजनांदगाँव सुश्री प्रिया कांकरिया ने बताया कि, पीडि़ता के माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनके बड़े पिताजी के लडक़े के द्वारा अभियुक्त गुरूजी चन्द्रकुमार से परिचय कराया गया, जो पूजा-पाठ का काम करता है। साल 2017 में उनके बड़े पिताजी का लडक़ा गुरूजी अर्थात् अभियुक्त चन्द्रकुमार गजभिये को लेकर पीडि़ता के घर आया तब अभियुक्त से पीडि़ता व उसकी माता-पिता की जान पहचान हुई और अभियुक्त के बताये अनुसार पीडि़ता के माता-पिता पूजा-पाठ करने लगे अभियुक्त का उनके घर पूजा-पाठ के लिये आना-जाना शुरू हो गया। उपरान्त पीडि़ता व उसके माता पिता दूसरे जगह किराये के मकान में रहने लगे, जहाँ भी अभियुक्त गुरुजी चन्द्रकुमार का आना-जाना लगे रहता था, तथा अभियुक्त का पीडि़ता के यहां 4-8 दिन रूकना भी होता था, जिसके कारण पीडि़ता व उसके माता-पिता का अभियुक्त के साथ घरेलु संबंध हो गया। पूरा परिवार उनको गुरूदेव मानता था, अभियुक्त के द्वारा पीडिता के माता-पिता को हर बात पर पूजा-पाठ के लिये दबाव बनाया जाता था और पैसों को मांग की जाती थी जिसके कारण पीडि़ता के माता-पिता ने धीरे-धीरे अभियुक्त से सम्पर्क कम कर दिये। दिनाँक 21.04.2023 को पीडि़ता के द्वारा अपनी माता को बताया गया कि, जब वे लोग नवम्बर 2023 में कॉलोनी में थे और गुरूदेव अर्थात् अभियुक्त उनके घर में रह रहे थे और पीडि़ता की माता जब मार्केट गई थी और पीडि़ता के पापा काम पर गये थे, तब वह घर पर अकेले थी और शाम चार-पांच बजे गुरूदेव (अभियुक्त) जबरदस्ती उसे कमरे में ले जाकर उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किये, उसके कपड़े उतार दिये थे ओर जब वह रोने लगी तो गुरूदेव कहने लग कि, तुम्हारे घर वाले को जान से मार दूंगा, इसलिये वह डर के कारण किसी को नहीं बतायी थी और जब भी गुरूदेव पीडि़ता को अकेले पाता था, चार-पांच बार उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किया है और किसी को बताने पर उसको और उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी देता था। पीडि़ता की माता की लिखित शिकायत पर थाना कोतवाली राजनांदगांव द्वारा मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। जांच के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। प्रकरण के जांच में व गवाहों के कथन लेने पर पाया गया कि, अभियुक्त की बहन ममता चौहान के द्वारा माह फरवरी 2021 में पीडि़ता को गर्भवती बताकर तीन दिन तक लगातार गर्भपात् की दवा खिलायी गई थी। प्रकरण के संपूर्ण विवेचना उपरान्त थाना कोतवाली राजनांदगांव के द्वारा अभियुक्तगण चन्द्रकुमार गजभिये व ममता चौहान के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण हेतु विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।

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