क्रिश्चियन मिशनरियों द्वारा आश्रम की आड़ में खेला जा रहा था धर्मांतरण का खेल
राजनांदगांव (दावा)। लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदैहान पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम धर्मापुर में क्रिश्चियन मिशनरियों द्वारा खेले जा रहे अवैध धर्मांतरण का खेल उजागर हुआ है। ग्राम धर्मापुर में विदेशी फंड से आश्रम के नाम पर बनाई गई करोड़ों रुपए की आलीशान बिल्डिंग में खेले जा रहे अवैध धर्मांतरण के प्रमुख डेविड चाको परिदृश्य से बाहर रहा। अब पुलिस की कार्रवाई से आश्रम की आड़ में खेले जा रहे धर्मांतरण का खेल उजागर हुआ है। लालबाग थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू ने बताया कि गत 8 जनवरी को थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदैहन में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी।
शिकायत में लगाए गए आरोपों के अनुसार ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने, तथा कथित रूप से धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी गई थी। उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में सुकुलदैहान चौकी द्वारा डेविड चाको के विरुद्ध छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। शिकायत में आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने तथा कथित धर्मांतरण गतिविधियों से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए थे।
आश्रम में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं चौंकाने वाले तथ्य प्राप्त
लालबाग थाना प्रभारी श्री साहू ने बताया कि जांच के क्रम में आरोपी से संबंधित कई दस्तावेज, अभिलेख, रजिस्टर एवं अन्य सामग्री जब्त की गई है। जिनके प्रारंभिक परीक्षण से यह संकेत मिला है कि, कथित धर्मांतरण गतिविधियां एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित की जा रही थीं जो केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थीं। श्री साहू ने बताया कि, विवेचना में यह भी सामने आया है कि उक्त गतिविधियों से संबंधित छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में फैला एक व्यापक नेटवर्क सक्रिय था। प्रारंभिक जांच में सैकड़ों व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत प्राप्त हुए हैं, जिनकी भूमिका की विधिवत जांच की जा रही है।
पुलिस को मिले महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य
जांच कार्रवाई में बताया गया है कि, उक्त धर्मापुर आश्रम में जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी प्राप्त किए गए हैं, जिनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड एवं मोबाइल फोन शामिल हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डिजिटल दस्तावेज, डेटा एवं प्रेजेंटेशन सामग्री के माध्यम से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। ये उपकरण विशेष रूप से उन दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं, जहां विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं होती। जब्त दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर विवेचना में कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इन सभी व्यक्तियों को विधि अनुसार नोटिस जारी कर पूछताछ हेतु तलब किया गया है ताकि उनके आपसी संबंध एवं संलिप्तता की विस्तृत जांच की जा सके।
वित्तीय लेन-देन व धन स्रोतों की
निष्पक्षता व पारदर्शिता से जांच
श्री साहू ने बताया कि, इसके साथ ही प्रकरण के वित्तीय लेन-देन एवं धन स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आश्रम/चर्च संचालन हेतु धन कहां से प्राप्त हो रहा था, उसके स्रोत क्या हैं, तथा क्या इसमें किसी अन्य अवैध या संगठित गतिविधि का कोई कोण जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा इस पूरे प्रकरण की विवेचना निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जांच में जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर एवं विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। लालबाग थाना प्रभारी श्री साहू ने बताया कि, धर्मापुर अवैध धर्मांतरण प्रकरण की विवेचना सतत रूप से जारी है।


