राजनांदगांव (दावा)। युगांतर पब्लिक स्कूल के तत्वावधान में विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और मार्गदर्शन हेतु एक दिवसीय सफल सेमिनार का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र की मुख्य वक्ता राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा थी। उन्होंने छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की सीख दी। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन नायर ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। एसपी अंकिता शर्मा ने अपने संबोधन में अपने जीवन की संघर्षमयी घटनाओं को साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा निर्धारित करें जो आपको सदैव ऊर्जावान बनाए रखे। उन्होंने एक गहरा विचार साझा करते हुए कहा, आप डॉक्टर, इंजीनियर या सीए बनने का सपना जरूर देखें, लेकिन यह भी सोचें कि यदि सभी यहीं तक सीमित रह गए, तो देश और समाज का नेतृत्व कौन करेगा?
से टू नो : ड्रग्स और मोबाइल से रहें दूर
छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए एसपी शर्मा ने से टू नो का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से लडऩे के लिए सबसे बड़ा हथियार आत्मविश्वास है। छात्रों को अपने भीतर सिविक सेंस (नागरिक बोध) विकसित करना चाहिए, जिससे अनुशासन स्वत: ही आ जाता है। ड्रग्स और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को ना कहना सीखना होगा। उन्होंने सदैव अच्छी और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढऩे पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने छात्र अनुज चांडक को एक पुस्तक भेंट करने की बात भी कही। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आत्मरक्षा को एक हॉबी के रूप में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बालिकाओं को अपने साथ होने वाली किसी भी अभद्रता या गलत टिप्पणी को सहना नहीं चाहिए। गलत को सहना, गलत करने वालों को बढ़ावा देना है। जब आप शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम होंगी, तभी गलत का प्रतिकार कर पाएंगी। एसपी शर्मा ने छात्रों को रिश्तों की अहमियत समझाते हुए कहा कि जीवन की मुश्किल घड़ी में केवल माता-पिता और गुरुजन ही सच्चे सहायक होते हैं। उन्होंने मित्रों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के वाइस चेयरमैन अखराज कोटडिय़ा, सेक्रेटरी विनय डड्ढा, कोषाध्यक्ष मिश्रीलाल गोलछा, निदेशक (अकेडमिक्स) सुशील कोठारी और नरेंद्र कोटडिय़ा सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



