शिवभक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम बनेगा राजनांदगांव
राजनांदगांव। महाशिवरात्रि जैसे पवित्र और आध्यात्मिक पर्व के अवसर पर संस्कारधानी राजनांदगांव एक बार फिर शिवमय होने जा रही है। दिनांक 14 फरवरी को संस्कारधानी महाकाल मित्र मंडल के तत्वावधान में नगर में एक भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक महाकाल शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो शिवभक्ति, सनातन संस्कृति और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
समिति के अध्यक्ष श्री निखिल द्विवेदी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह भव्य शोभायात्रा दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा चौक से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिवभक्ति का अलौकिक वातावरण निर्मित करेगी। शोभायात्रा में भगवान महाकाल महादेव की भव्य एवं आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी, जो श्रद्धालुओं को अध्यात्म से जोड़ने का कार्य करेगी।
शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए परंपरागत छत्तीसगढ़ी वाद्ययंत्र, गुदुम बाजा, राउत नाचा, पंथी नृत्य, एवं अघोरी साधुओं की रहस्यमयी व रोमांचक प्रस्तुति श्रद्धालुओं को अभिभूत कर देगी समापन के अंत में जय स्तंभ चौक में अघोरी ग्रुप त्रिनयन आर्ट द्वारा मंचीय प्रस्तुति देगी ,पूरे नगर में “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
श्री द्विवेदी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक धार्मिक यात्रा निकालना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना है। यह शोभायात्रा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का कार्य करेगी।
संस्कारधानी महाकाल मित्र मंडल द्वारा समस्त राजनांदगांव वासियों, शिवभक्तों, मातृशक्ति, युवाओं एवं सनातन प्रेमियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन शोभायात्रा को ऐतिहासिक, भव्य एवं सफल बनाएं।
यह आयोजन न केवल एक धार्मिक पर्व का उत्सव होगा, बल्कि यह संस्कारधानी राजनांदगांव की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी बनेगा।



