प्रज्ञागिरी तीर्थ है, बौद्ध धम्म प्रचार प्रसार का केन्द्र-विनोद खांडेकर
डोंगरगढ़ (दावा)। धर्मनगरी डोंगरगढ़ में 6 फरवरी को 33 वां अन्तराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का भव्य आयोजन प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के तत्वाधान में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से सैकड़ो की संख्या में बौद्ध धम्म गुरू कार्यक्रम में सम्मिलित हुये, धम्म सेना नायक नागार्जुन सुरई ससई भंते जी की अगुवाई में सुबह 11 बजे नागसेन बौद्ध विहार में पूजा अर्चना के पश्चात धम्म गुरूओ द्वारा रैली के माध्यम से बुद्धम सरणम् गच्छामी के धून में प्रज्ञागिरी तीर्थ पहुंचे, जहां मार्ग के दौरान मिले बुद्ध विहारो में भी वंदना की गई।
रैली के दौरान छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को संजोए हुये आदिवासी नृत्य ने दर्शको का मनमोह लिया, सुरई ससई भंते एवं जापान, थाईलैंड, बर्मा, लाओस से आये धम्म गुरूओं का प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति की महिला मंडल द्वारा फूलो से भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति की महिला मंडल द्वारा फूलो से भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात प्रज्ञागिरी तीर्थ पर्वत पर स्थित भगवान बुद्ध की 30 फूट की विशालकाय प्रतिमा के समक्ष धम्म गुरूओ द्वारा जापानी, तिब्बती, पाली व अन्य भाषाओ में सामुहिक वंदना व परित्राण पाठ किया गया जो पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय रहा। नीचे कार्यक्रम स्थल पर भगवान बुद्ध व बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर जी के छायाचित्र पर सभी धम्मगुरूओ एवं अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर मोमबत्ती प्रज्जवलित की गई तत्पश्चात ट्रस्ट के सदस्यो एवं महिला मंडल द्वारा अतिथियो का स्वागत किया गया, कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जापान के प्रमुख धम्म गुरू रशोगिन ओकाज़ाकी ने जापानी भाषा में भगवान बुद्ध को विश्व का दीपक (रोशनी) कहा जिससे हर मनुष्य के जीवन में प्रकाश होता है जिसने भी भगवान बुद्ध के मार्ग को अपनाया है उसका जीवन सुखमय व आनंदित हुआ है। आज विश्व के जापान, श्रीलंका, लाओस, नेपाल, भूटान, म्यामार, चीन, कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम सहित अन्य देशो ने भगवान बुद्ध के मार्ग को अपनाया है, धम्मसेना नायक सूरई ससई भंते जी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि भारत में बौद्ध धम्म को लाने और उसको बढ़ाने का श्रेय बाबा साहेब आम्बेडकर जी को जाता है उन्होने ही बौद्ध धम्म को भारत में फैलाया है। इस कार्यक्रम को अन्य देश से आये बौद्ध धम्म गुरूओ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का आभार प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खांडेकर ने किया तथा कहा कि यह आयोजन हमेशा के लिए यादगार रहेगा देश – विदेश से आये धम्म गुरूओ का मार्गदर्शन हमें मिला है हम अभिभूत है हमनें सोचा नही था कि यह आयोजन इतना भव्य होगा लेकिन ट्रस्ट समिति के साथी प्रज्ञागिरी निर्माण एवं विकास समिति के साथी तथा महिला मंडल के एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन, पुलिस प्रशासन व आम जनता के सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफल हुआ है मैं आप सबका धन्यवाद ज्ञापित करता हूं और आपको बताना चाहता हूं कि प्रज्ञागिरी पर्वत में शासन के सहयोग से कैफिटेरिया, मेडिटेशन हॉल, सौर ऊर्जा सहित अन्य कार्य लगभग पूरे हो चुके है और जल्द करोड़ो की लागत से बनने जा रही सडक़ का भूमि पूजन होने वाला है जो प्रज्ञागिरी के लिए एक अद्भूत प्रयास होगा जिससे प्रज्ञागिरी के विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र बोरकर एवं राकेश भवते ने किया इस कार्यक्रम में भंते कुमार कश्यप, भंते नागरत्न, प्रज्ञागिरी निर्माण एवं विकास समिति के अध्यक्ष महादेव कावरे, दिलीप वासनीकर, डॉ.कृष्णमूर्ति काम्बले, सुनील रामटेके, सांरग हुमने, भोजराज गौरखेड़े, प्रवीण भौरे, चिन्ना केशवलू रामनरेश गौतम, नरेन्द्र खोब्रागड़े, अनिल साखरे, धनजंय मेश्राम, सुधाकर फुलमाली, रितेश मेश्राम, महेश चन्द्रिकापुरे, मधुकर जाम्बुलकर, संजय रामटेके, सुनील नागदौने, करूणा डोंगरे, जीवन मेश्राम, विजय टेम्बुलकर, अमन जनबंधु करूणा गजभिये, ललीता साखरे सहित बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक उपासिकाएं उपस्थित थे।
बौद्ध धम्म गुरूओ को मिला राज्य अतिथि का दर्जा
जापान, लाओस, बर्मा, थाइलैंड से आये बौद्ध धम्म गुरूओ को छत्तीसगढ़ राज्य अतिथि का दर्जा मिला, जापान के प्रमुख भंते रशोगिन ओकाजागी, शुनदई होंडा, क्योओ कोंदो, रिव्यूको ओनो, गायु नागासाकी, इको नागाकासी, टैसेई अगाता, रियुकेई साईकी, सुनचोहो जुग, कोकुमयो अगाता, ससानई, वरटा, कोविंदा, सिहा, फ्राफत्थराफोन, टियाटाइसॉन्ग, थमरोंगसिल्पा, पोथिसोंग, जेट्टाफट श्रीबूनमासाकुल, सुरचाई टैम्पोर्न, पीरापोल चंथेप, पेंग्कोटकेओ, वोंगविला यथोंग, सहित अन्य धम्म गुरूओ का रायपुर के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने भव्य स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानपूर्वक व पूरी सुरक्षा के साथ डोंगरगढ़ प्रज्ञागिरी तीर्थ पर्वत तक पहुंचाया इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल उनकी सुरक्षा के लिये तैनात थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शको का मनमोह लिया
33 वां अंतराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में इस वर्ष सारे रिकार्ड टूट गये लाखो की संख्या में बौद्ध धम्म को मानने वाले अनुनाईयो की भीड़ देखने लायक थी, ट्रस्ट ने पहले से ही पूरी व्यवस्था कर ली थी इसलिए कार्यकम शांति पूर्वक समन्न हुआ, कार्यक्रम में नागपुर के कलाकारो की कला की चर्चा चारो तरफ हुई उनके सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोगो का दिल जीत लिया सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति अद्भूत थी लोगो ने कलाकारो की बहुत प्रशसना की, सांस्कृतिक कार्यक्रम में नागपुर का लाउनी, भिलाई का आकेस्ट्रा व छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संजोए आदिवासी नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये।
गढ़पायले परिवार ने किया भोजन दान
देश-विदेश से आये सैकड़ो धम्म गुरूओ के लिए गरीबदास गढ़पायले ने भोजन दान किया जो कि बौद्ध ग्रंथो के अनसार धम्म गुरूओ को भोजन दान करने का अपना अलग महत्व है इसलिए यह खास है, पूरे आयोजन में बाहर से आये अन्य लोगो ने भी पंडाल लगाकर लोगो को नि:शुल्क भोजन कराया तथा कुछ लोगो ने नाश्ता तो कुछ लोगो ने पानी की बोतले बांटी इस प्रकार लोगो की आस्था देखने को मिली, सारे धर्मो को मानने वाले लोगो ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया।



