एसआईआर प्रक्रिया में 2.62 लाख मतदाताओं का नहीं मिला अता-पता, 13 हजार नए नाम जुड़े, 460 वोटर्स की सूची से छुट्टी
राजनांदगांव (दावा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पिछले चार महीनों से चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। 21 फरवरी को जिले की संशोधित फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस बार की सूची में जहां हजारों नए नाम जुड़े हैं, वहीं नो-मैपिंग की श्रेणी में आने वाले लाखों मतदाताओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
आंकड़ों में जिले की नई मतदाता सूची
एसडीएम राजनांदगांव गौतम चंद पाटिल के अनुसार, नई सूची के प्रकाशन के बाद जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 7 लाख 97 हजार 387 हो गई है। दावा-आपत्ति के दौरान लगभग 13 हजार नए मतदाताओं के नाम जोडऩे की संभावना है। मृत्यु, स्थानांतरण या दोहरा नाम होने के कारण कुल 460 वोटर्स के नाम सूची से काटे जाएंगे। राजनांदगांव विधानसभा में ही अकेले 7,809 फार्म अपडेट किए गए। जिनमें ऑनलाइन आवेदनों की संख्या सबसे अधिक रही।
नो-मैपिंग : 2.62 लाख मतदाताओं का पता नहीं
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिले में करीब 2 लाख 62 हजार मतदाता ‘नो-मैपिंग’ की श्रेणी में पाए गए। यानी बूथ लेवल ऑफिसर जब उनके पते पर पहुँचे, तो या तो घर बंद मिला, या वे मतदाता उस स्थान पर लंबे समय से नहीं रह रहे थे। इन सभी को नोटिस जारी कर एसडीएम कार्यालय में दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता का नाम प्रक्रिया के तहत हटाया गया है और वह उस निर्णय से असहमत है, तो उसे अपील करने का संवैधानिक अधिकार है। जिसमें प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के समक्ष एवं द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कर सकते है। एसडीएम राजनांदगांव गौतमचंद पाटिल ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिले में अब कुल 7 लाख 97 हजार 387 मतदाता हैं। अंतिम सूची का विधिवत प्रकाशन कल 21 फरवरी को किया जाएगा।


